अंतिम प्रश्न (शेरलॉक होम्स की जासूसी कहानी) : आर्थर कॉनन डायल

   Jasusi kahani in hindi


 Antim Prashna | Last Question - Sherlock Holmes ki Jasusi kahani in Hindi by Arthur Conan Doyle


हाल ही में लिखने के लिए मैंने बहुत ही बुझे हुए मन से अपनी कलम उठाई है, जिसमें मैंने उन विशेष दिनों को सँजोकर रखा है, जिससे मेरे साथी को प्रतिष्ठा मिली थी। चूँकि मैं इन्हें बहुत ही गहराई से महसूस करता हूँ, इसीलिए यह अस्पष्ट या बिलकुल अपर्याप्त तरीके से भी हो सकती है। मुझे उसके साथ जिस भी तरह के विचित्र अनुभव हुए, मैंने उनको बताने का भरसक प्रयास किया है और स्टडी इन स्कारलेट के मामले में हम कैसे पहले-पहल साथ मिले और फिर नेवल ट्रीटी तक उसमें उसके दखल तक साथ रहे। यह एक ऐसा दखल था, जिसका असर एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय जटिलता को बचाने के लिए था। मेरी कोशिश इसे रोक देने और इस घटना पर कुछ भी न कहने की थी, क्योंकि इसने मेरे जीवन में एक खालीपन सा ला दिया था और जिसे भरने में दो वर्षों का समय भी कुछ न कर सका। मेरे हाथों के साथ एक तरह की जबरदस्ती की जा रही थी, चूँकि हाल ही के पत्रों में कर्नल जेम्स मारिआर्टी ने अपने भाई की स्मृति के बारे में लिखा था और इसीलिए मेरे सामने सिवाय इसके कोई चारा नहीं था कि लोगों के सामने वे तथ्य लाए जाएँ, जो कि वाकई घटित हुए थे। केवल मैं ही इस मामले की पूरी सच्चाई जानता था और मुझे यकीन भी था कि अब वह समय आ चुका है, जबकि इसे छुपाने से कोई फायदा नहीं होगा। 

जहाँ तक मुझे पता है, अखबारों में यह सिर्फ तीन बार ही छपा है; 6 मई, 1891 जर्नल डी जिनेवा, 7 मई को रायटर्स डिस्पैच और अब वे हाल ही के पत्र थे, जिसके बारे में मैं बता चुका हूँ। पहली और दूसरी खबर में तो यह बिलकुल ही संक्षिप्त रूप में थे और अंतिमवाली में, जो कि मैं अब आपको दिखाऊँगा, तथ्यों को पूरी तरह से बिगाड़ दिया गया था। प्रो. मोरिआर्टी और मि. शेरलॉक होम्स के बीच पहली बार जो भी सचमुच घटित हुआ, उन्हें बताने के लिए यह सब मेरे पास मौजूद॒है।

मुझे याद है कि मेरी शादी के बाद और मेरी निजी चिकित्सा सेवा की शुरुआत के समय ही मेरे और होम्स के बीच के अति घनिष्ठ संबंधों में कुछ हद तक एक बदलाव सा आ गया था। कभी-कभी जब उसे अपनी छानबीन में मेरे साथ की जरूरत होती थी, तब भी वह मेरे पास आया करता था, पर ऐसे अवसर धीरे-धीरे कम होते चले गए और सन् 1890 तक केवल तीन ही मामले ऐसे थे, जिनका मैं संग्रह कर सका। उस साल के जाड़े के दिनों में और सन् 1891 की बसंत ऋतु की शुरुआत में ही मैंने अखबारों में पढ़ा था कि उसे फ्रांस की सरकार ने किसी महत्त्वपूर्ण मामले में अपने साथ लगा रखा है और इसी बीच होम्स के दो पत्र मुझे नारबोन और नाइम्स से आए थे। इन पत्रों से मुझे पता चला कि वहाँ उसे कुछ अधिक दिनों तक ठहरना पड़ सकता है। 24 अप्रैल को जब मैंने उसे अपने परामर्श-कक्ष में आते हुए देखा तो मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ। मैंने देखा कि वह पहले की तुलना में थोड़ा पीला और दुबला हो गया था।

मेरे शब्दों के बजाय मेरे देखने के तरीके का जवाब देते हुए उसने कहा, ‘‘हाँ, मैं बहुत ही अधिक व्यस्त रहा और हाल ही तक बहुत ही अधिक तनाव में भी रहा। क्या तुम अपने इन दरवाजों को बंद कर दोगे?’’

अब कमरे में रोशनी, टेबल पर रखे केवल उसी लैंप से आ रही थी, जिससे मैं पढ़ा करता था। होम्स दीवाल के किनारे से होते हुए दरवाजों के पास पहुँच गया और फिर उन्हें सावधानी से बंद कर दिया।

मैंने पूछा, ‘‘क्या तुम किसी से डर रहे हो?’’

‘‘हाँ, मैं डर रहा हूँ।’’

‘‘किससे?’’

‘‘एयर गन से।’’

‘‘इससे तुम्हारा क्या मतलब है, होम्स?’’

‘‘मेरे खयाल से, वाटसन! तुम मुझे अच्छी तरह जानते हो कि मैं घबड़ाने वाला आदमी नहीं हूँ। पर जब खतरा बिलकुल नजदीक हो तब उसे न समझना, साहस के बजाय बेवकूफी है। क्या तुम्हें एक माचिस के लिए मैं तकलीफ दे सकता हूँ?’’

उसने सिगरेट का कश ऐसे खींचा जैसे कि उसे बहुत ही आराम मिला हो। वह बोला, ‘‘तुम्हें इतनी देर में बुलाने के लिए मैं माफी चाहता हूँ और मैं तुमसे एक बार फिर माफी माँगता हूँ कि तुम मुझे अपने पीछेवाले बगीचे की दीवाल फाँदकर जाने की अनुमति दोगे।’’

मैंने पूछा, ‘‘पर इनका मतलब क्या है?’’

उसने अपना हाथ बाहर निकाला और लैंप की रोशनी में मैंने देखा कि उसकी उँगलियों की दो गाँठें छिली हुई हैं और उनसे खून बह रहा है।

होम्स ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘इसमें कोई खास बात नहीं है। अभी भी यह काफी मजबूत है। क्या मिसेज वाटसन अंदर हैं?’’

‘‘वे किसी से मिलने बाहर गई हैं।’’

‘‘तो तुम अकेले हो?’’

‘‘बिलकुल।’’

‘‘तब तुम्हारे लिए मेरा यह प्रस्ताव है कि तुम एक सप्ताह के लिए मेरे साथ महाद्वीप चलो।’’

‘‘कहाँ?’’

‘‘कहीं भी। मेरे लिए सभी जगहें एक जैसी हैं।’’

इन सब बातों में कुछ विचित्र सा लग रहा था, बिना उद्देश्य छुट्टी मनाना होम्स के स्वभाव में नहीं है, उसका पीला और थका-माँदा चेहरा मुझे बता रहा था कि वे बहुत ही अधिक तनाव में थे। उसने मेरी आँखों में प्रश्न देखे और फिर अपनी उँगलियों के पोरों को आपस में जोड़कर एवं कुहनी अपने घुटनों पर टिकाते हुए सारी स्थिति मुझे बताई।

वह बोला, ‘‘तुमने शायद प्रोफेसर मोरिआर्टी के बारे में नहीं सुना होगा।’’

‘‘कभी नहीं सुना।’’

वह चीखता हुआ सा बोला, ‘‘यही तो उसकी चालाकी और आश्चर्यजनक बात है। इस आदमी ने लंदन को बरबाद कर रखा है और किसी ने भी उसका नाम नहीं सुना है। यही तो वह चीज है, जिसने उसे अपराध के रिकॉर्ड में शिखर पर पहुँचा दिया है।

‘‘वाटसन! मैं तुम्हें बहुत ही गंभीरतापूर्वक बता रहा हूँ कि यदि मैं इस आदमी को हरा दूँ या समाज को इससे आजाद करा दूँ तो मुझे लगेगा कि मेरा पेशा शीर्ष पर पहुँच गया है और मुझे जीवन की शांति की ओर मुड़ने के लिए तैयार हो जाना चाहिए। हमारे बीच हाल के ही मामलों में, जिसमें स्केंडेनेविया के शाही परिवार और फ्रेंच रिपब्लिक में जो मेरी सहायता होती रही है, इसने मुझे ऐसी स्थिति में ला दिया है कि मैं बहुत ही आराम से अपनी जिंदगी जारी रख सकता था, जो कि मेरे लिए बहुत ही अनुकूल भी है और जिसमें मैं अपने रासायनिक अनुसंधानों पर अपना ध्यान भी केंद्रित कर सकता था। पर वाटसन, मुझे चैन नहीं था, क्योंकि जब भी मैं सोचता था कि प्रोफेसर मोरिआर्टी जैसा आदमी लंदन की सड़कों पर बिना चुनौती के ही घूम रहा है, तब मैं अपनी कुरसी पर चैन से नहीं बैठ पाता था।’’

‘‘उसने ऐसा क्या किया है?’’

‘‘उसका कॅरियर असाधारण था। उसकी पैदाइश अच्छी जगह और शिक्षा-दीक्षा भली प्रकार हुई थी। प्रकृति ने उसे विलक्षण गणितीय प्रतिभा से नवाजा। इक्कीस साल की उम्र में ही उसने बायनामियल सिद्धांत पर एक शोध प्रबंध लिखा, जिसे यूरोप में काफी लोकप्रियता मिली थी। इसी के बल पर उसने हमारे विश्वविद्यालय में गणित के क्षेत्र में अपनी जगह भी बना ली थी और उसके सामने एक शानदार कॅरियर भी था, किंतु इस व्यक्ति में आनुवंशिक रूप से कुछ दुर्गुणों वाली प्रवृत्तियाँ थीं। उसके खून में अपराध की प्रवृत्तियाँ भी दौड़ती थीं, जो कि कम होने के बजाय बढ़ती ही चली गईं और उसकी विलक्षण मानसिक शक्तियों के द्वारा कई गुना खतरनाक हो गईं। विश्वविद्यालय परिसर में उसके खिलाफ कई तरह की अफवाहें फैल गई थीं, जिसकी वजह से उसे वहाँ से त्याग-पत्र देने के लिए मजबूर कर दिया गया था। वहीं से वह लंदन आ गया और यहाँ उसने सेना के सवारी डिब्बे बनाने का काम शुरू किया। दुनिया उसके बारे में केवल इतना ही जानती है, परंतु मैं जो तुम्हें बता रहा हूँ, वह मैंने खुद ही पता किया है—

‘‘वाटसन! जैसा कि तुम्हें पता ही है, लंदन की सबसे बड़ी अपराधियों की दुनिया के बारे में अन्य कोई उतनी अच्छी तरह से नहीं जानता है, जितना कि मैं जानता हूँ। कई सालों से मैं अपराधियों के पीछे की शक्ति के बारे में जानने का उत्सुक रहा हूँ, इसमें कोई ऐसी संगठित शक्ति है, जो हमेशा कानून के रास्ते में खड़ी हो जाती है और गलत काम करनेवालों की ढाल बनती है। कई तरह के मामलों, जैसे धोखाधड़ी, लूट और हत्या आदि में मैंने बार-बार इस ताकत की मौजूदगी को महसूस किया है और उन बहुत से बिना सुलझे अपराधों में, जिनमें मेरा परामर्श भी नहीं लिया गया था, मैंने इनके काम को भी जाना है। कई वर्षों से मेरी कोशिश उस परदे को उठाने की रही है, जिसने इसे ढक रखा था और अंत में वह समय आ ही गया, जब मैंने वह सूत्र पकड़ उसका पीछा किया, जब तक कि वह मुझे उन हजारों मक्कार घुमावदार रास्तों से होता हुआ उस नामी भूतपूर्व गणित के प्रोफेसर मोरिआर्टी की ओर न ले आया।

‘‘वाटसन! वह अपराध का नेपोलियन है। वह इस बड़े शहर के आधे गलत कामों और करीब सभी बिना सुलझे अपराधों का संगठनकर्ता है। वह बहुत ही बुद्धिमान्, दार्शनिक और अद्भुत सोचवाला व्यक्ति है। उसके पास अव्वल दरजे का दिमाग है। वह एक मकड़े की तरह जाले के बीच में स्थिर होकर बैठता है, उस जाले में हजारों तार होते हैं, पर वह उनके हर कंपन को अच्छी तरह पहचानता है। वह ऐसे काम स्वयं बहुत ही कम करता है, वह केवल योजनाएँ बनाता है। उसके अनेक एजेंट हैं और जो बहुत ही अच्छे ढंग से संगठित हैं। यदि कोई अपराध किया जाना है या एक कागज गायब करना है, गोली चलानी है या आदमी गायब करना है, तब प्रोफेसर को सिर्फ कहा जाएगा और सारा मामला तय होगा, और फिर इसे पूरा किया जाएगा। वह एजेंट पकड़ा भी जा सकता है। इस स्थिति में उसके बचाव या उसकी जमानत के लिए धन का इंतजाम हो जाता है, पर उस एजेंट का इस्तेमाल करनेवाली केंद्रीय ताकत कभी नहीं पकड़ी जाती, उस पर संदेह भी नहीं होता है। वाटसन, यही वह संगठन है, जिसका मैंने पता लगाया है और जिसको तोड़ने और पर्दाफाश करने के लिए मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी है।

‘‘प्रोफेसर ने इतनी चालाकी से अपनी सुरक्षा के उपाय कर रखे थे कि मैं जो भी करूँ, ऐसे सबूतों का मिलना असंभव लगता था, जिससे उसे कानून के कठघरे में लाया जा सके। वाटसन, तुम्हें मेरी ताकत का पता है, फिर भी तीन महीने बाद मैं यह मानने के लिए मजबूर हुआ कि मुझे एक ऐसा प्रतिद्वंद्वी मिल ही गया, जो कि बुद्धिमानी में मेरे ही बराबर है। उसकी काबिलियत की प्रशंसा में उसके अपराधों के प्रति मेरा डर गायब हो गया था। अंत में उसने एक यात्रा की, केवल एक छोटी सी यात्रा, मगर जितनी वह कर सकता था, उससे यह अधिक ही थी, क्योंकि मैं उसके बहुत ही पास तक पहुँच चुका था। मेरे पास मौका था और उसी जगह से मैंने उसके चारों तरफ अपना जाल बुनना शुरू कर दिया, और यह तबतक जारी रहा जबतक कि वह इसके काफी नजदीक न आ गया। तीन दिनों में ही, यानी अगले सोमवार को यह मामला बिलकुल पक जाएगा और प्रोफेसर अपने गिरोह के सभी प्रमुख साथियों के साथ पुलिस की गिरफ्त में होगा। तब इस शताब्दी का सबसे बड़ा फौजदारी का मुकदमा सामने आएगा, जिसमें चालीस से अधिक रहस्यों का पर्दाफाश होगा। किंतु तुम जानते ही हो, यदि हम समय से पहले कुछ करेंगे तो उन सभी की रस्सी अंतिम समय में भी हाथ से छूट सकती है।

‘‘यदि मैं इस काम को प्रोफेसर मारिआर्टी की जानकारी के बिना ही कर सकता तो यह बहुत ही अच्छा होता, पर वह बहुत ही मक्कार है। मैंने उसके चारों तरफ जो भी मेहनत की है, उसने हर कदम पर निगाह रखी थी। अकसर ही जब मैं उसे रोकनेवाला होता था, तभी वह बार-बार बच निकल जाता था। मेरे दोस्त, मैं तुमसे कहता हूँ कि यदि इस शांत प्रतियोगिता को विस्तार से लिखा जा सकता, तब प्रहार और बचाव के रूप की सुरागसानी के इतिहास में इसका एक अति महत्त्वपूर्ण स्थान होता। मैं ऐसे स्तर पर पहले कभी नहीं पहुँचा और कभी भी मैं अपने विरोधी के द्वारा इतना परेशान नहीं किया गया। उसने मुझे चोट पहुँचाई और फिर भी मैंने उसे कम आँका। आज सुबह उसने अंतिम कदम उठाया गया और जबकि इस काम को पूरा होने में केवल तीन दिन ही बाकी थे। मैं अपने कमरे में बैठा हुआ इस मामले पर सोच ही रहा था कि तभी दरवाजा खुला और प्रोफेसर मोरिआर्टी मेरे सामने खड़ा था।

‘‘वाटसन! मुझे किसी भी तरह की घबराहट नहीं थी, पर मैं यह मानता हूँ कि जब मैंने उस आदमी को देखा, जो कि हमेशा से मेरे दिमाग में रहा, वह आज मेरी चौखट पर खड़ा है। उसकी मौजूदगी मेरे लिए काफी परिचित सी थी। वह बहुत ही अधिक लंबा और दुबला था। उसका सफेद माथा आगे की ओर उभरा हुआ और आँखें धँसी हुई थीं। उसकी शक्ल बिना दाढ़ी-मूँछ की पीली और एशिया के लोगों की तरह ही थी। उसका चेहरा-मोहरा एक प्रोफेसर की तरह लगता था। बहुत अधिक पढ़ने की वजह से उसके कंधे कुछ गोल से हो गए थे और चेहरा आगे की तरफ निकला हुआ था। वह अपना सिर दाएँ-बाएँ साँप की तरह हिला रहा था। उसने अपनी सिकुड़ी हुई आँखों से मुझे बहुत ही जिज्ञासा से देखा और बोला, ‘मैंने जितनी उम्मीद की थी, तुम उससे कम दिखते हो। आदमी का अपने ड्रेसिंग गाउन में एक भरी हुई पिस्तौल पर उँगली रखना खतरनाक आदत है।’

‘‘वास्तविकता यह थी कि उसके घुसते ही मैंने तुरंत अपने ऊपर एक खतरा भाँप लिया था। उसके बचाव का सिर्फ यही एक तरीका बचा था कि मेरी जबान बंद हो जाती। तभी तुरंत ही मैंने दराज से रिवॉल्वर निकालकर अपनी जेब में रख ली थी और इसे कपड़ों के भीतर ही उसके लिए तैयार रखा था। उसके इस तरह से कहने पर मैंने वह हथियार बाहर निकाल लिया और मेज पर रख दिया। वह अभी भी मुसकरा रहा था, फिर उसने अपनी पलकें झपकाईं। मैं इस बात से बहुत खुश था कि वह मेरे सामने मौजूद है।’’

उसने कहा, ‘‘तुम प्रत्यक्ष रूप से मुझे नहीं जानते।’’

मैंने जवाब दिया, ‘‘मुझे लगता है कि मैं जानता हूँ। प्लीज बैठ जाइए। यदि आप कुछ कहना चाहते हैं तो मैं आपको पाँच मिनट का समय दे सकता हूँ।’’

उसने कहा, ‘‘मुझे जो कुछ भी कहना है, वह पहले ही तुम्हारे दिमाग में जा चुका है।’’

मैंने जवाब दिया, ‘‘तब मुमकिन है कि मेरा जवाब भी तुम्हारे पास होगा।’’

‘‘तुम बहुत तेज हो।’’

‘‘बिलकुल।’’

‘‘उसने अपना हाथ अपनी जेब में जैसे ही डाला, मैंने मेज से पिस्तौल उठा ली, पर उसने केवल अपनी एक छोटी सी नोटबुक निकाली, जिसमें उसने कुछ तारीखें लिख रखी थीं।

‘‘वह बोला,‘‘तुम चार जनवरी को मेरे रास्ते में रोड़ा बने थे। तेईस तारीख को तुमने मेरे लिए परेशानी खड़ी की थी और मार्च के अंत में मेरी योजनाएँ पूरी तरह से बरबाद कर दी थीं। अब अप्रैल की समाप्ति पर मुझे तुम्हारे लगातार उत्पीड़न से अपनी आजादी खो जाने का डर है। यह स्थिति अब बिलकुल नामुमकिन सी हो गई है।’’

मैंने पूछा, ‘‘क्या आपको कुछ और मशविरा देना है?’’

उसने अपना सिर दाएँ-बाएँ हिलाते हुए कहा, ‘‘मि. होम्स, तुम्हें यह काम छोड़ना होगा। सचमुझ, छोड़ देना पड़ेगा।’’

मैंने कहा, ‘‘सोमवार के बाद।’’

वह बोला, ‘‘मुझे पूरा यकीन है कि तुम्हारी काबिलियत का व्यक्ति इस मामले का एक परिणाम जरूर देखेगा। अतः तुम अपना हाथ खींच लो। तुमने अपना काम इस ढंग से किया है कि हमारे पास अब केवल एक ही स्रोत बचा है। तुमने इस मामले को जिस ढंग से जकड़ा है, इसे देखना मेरे लिए एक बुद्धिमानीवाला आनंद रहा है। मैं कहता हूँ कि इसके लिए किसी भी हद तक जाने के लिए मुझे मजबूर होना मेरे लिए दुःख की बात होगी। तुम मुसकरा रहे हो, पर मैं तुमको यकीन दिलाता हूँ कि ऐसा ही होगा।’’

मैंने कहा, ‘‘खतरा मेरे काम का हिस्सा है।’’

वह बोला, ‘‘यह खतरा नहीं है। यह कभी न रुकनेवाली बरबादी है। तुम एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि एक मजबूत संगठन के खिलाफ खड़े हो। तुम अपनी सारी चतुराई के साथ भी इसे समझने में असमर्थ हो। मि. होम्स, तुम्हें इस चीज को साफ-साफ समझ लेना चाहिए, नहीं तो तुम कुचल दिए जाओगे।’’

मैंने उठते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि इस बातचीत की मौज में मैं अपने कुछ उन जरूरी कामों की अनदेखी कर रहा हूँ जो कि मेरा कहीं और इंतजार कर रहे हैं।’’

वह भी उठा और शांति से मुझे देखते हुए उदासी से उसने अपना सिर हिलाया और अंत में बोला,‘‘ठीक है। यह दुःखद है, पर मैं जो कर सकता था, मैंने किया। मैं तुम्हारी हर चाल को समझता हूँ। तुम सोमवार से पहले कुछ नहीं कर सकते हो। मि. होम्स, यह मेरे और तुम्हारे बीच का द्वंद्व-युद्ध है। तुम्हें उम्मीद है कि तुम मुझे कठघरे में खड़ा कर दोगे? मैं तुम्हें बता देता हूँ कि मैं कभी कठघरे में नहीं खड़ा होऊँगा। तुम मुझे हराने की हिम्मत रखते हो। मैं कहता हूँ कि तुम मुझे कभी नहीं हरा पाओगे। यदि तुम मुझे बरबाद करने की सूझ रखते हो तो इसके लिए निश्चिंत रहो कि मैं भी तुम्हें उतना ही बरबाद कर दूँगा।’’

मैंने कहा, ‘‘मि. मोरिआर्टी! तुम मुझे काफी बधाइयाँ दे चुके हो। मुझे भी इसके एवज में एक तो दे लेने दो। अगर मैं पहलीवाली संभावना के लिए सुनिश्चित कर दिया गया हूँ, तब भी लोगों के हित में बादवाली संभावना को खुशी से स्वीकार कर लूँगा।’’

वह गुर्राते हुए बोला,‘‘मैं तुम्हें एक का तो वादा कर सकता हूँ, पर दूसरी का नहीं।’’

इतना कहकर वह मुझे देखता हुआ कमरे से बाहर चला गया।

‘‘प्रोफेसर मोरिआर्टी के साथ यही मेरा साक्षात्कार था। मैं यह मानता हूँ कि इसने मेरे दिमाग पर एक बुरा असर डाला था। उसके संक्षिप्त भाषण ने गंभीरता की वजह पैदा कर दी थी, जो कि केवल एक गुंडे से नहीं पैदा हो सकती थी। तुम यह कह सकते हो कि मैंने उसके खिलाफ पुलिस से सुरक्षा क्यों नहीं माँगी?’’

इसका कारण यह था और मुझे पक्का यकीन था कि उसके एजेंट ही मुझ पर हमला करेंगे। यदि ऐसा होता है तो मेरे पास इसके बेहद पक्के सबूत हैं।

‘‘आप पर पहले भी हमला हो चुका है क्या?’’

‘‘प्रिय वाटसन, प्रोफेसर मोरिआर्टी वह आदमी नहीं है जो अपने पैरों के नीचे घास उगने दे। मैं दोपहर में किसी काम से ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट गया था। जैसे ही मैं उस मोड़ पर पहुँचा, जहाँ एक रास्ता बैंटिक स्ट्रीट की तरफ जाता है, तभी एक दो घोड़ोंवाली गाड़ी तेजी से सनसनाती हुई मेरे ऊपर चढ़ दौड़ी। मैं तुरंत ही उछलकर फुटपाथ पर हो गया और मैंने खुद को इससे बचा लिया। यह सब कुछ ही पलों में घटित हुआ। वह गाड़ी मेरीबोन लेन की तरफ निकल गई और फिर तुरंत ही गायब हो गई। वाटसन, इसके बाद मैं सड़क के किनारे खड़ंजे पर खड़ा था और जैसे ही मैं चला कि तभी किसी मकान की छत से एक ईंट नीचे की तरफ आई और मेरे पैरों के पास टकराकर टुकड़े-टुकड़े हो गई। मैंने पुलिस को बुलाया और उस जगह की छानबीन कराई, पर वहाँ पर कुछ पत्थर और ईंट छत की मरम्मत के लिए पहले से ही रखे गए थे। मुझे विश्वास दिलाया गया कि शायद उनमें से कोई एक ईंट हवा से गिर पड़ी। यह जरूर है कि मैं इस बात को बेहतर तरीके से जानता था, पर मैं कुछ भी साबित नहीं कर सकता था। इसके बाद मैं एक घोड़ागाड़ी से अपने भाई के पास पॉलमॉल चला आया और वहाँ मैंने अपना दिन बिताया। अब मैं तुम्हारे पास आया हूँ और आते समय रास्ते में एक गुंडे ने मुझ पर एक गदा जैसी चीज से हमला किया। मैंने उसे जमीन पर गिरा दिया और पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है। किंतु मैं तुम्हें पूरे विश्वास के साथ कहता हूँ कि उस आदमी, जिसके सामने के दाँत से मेरी उँगलियों की गाँठें छिल गई हैं, और उस सेवानिवृत्त गणित के शिक्षक, जो कि संभवतः दस मील दूर किसी ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न हल कर रहा होगा, के बीच कोई संबंध नहीं पाया जा सकेगा। वाटसन, तुम्हें आश्चर्य नहीं हुआ कि तुम्हारे कमरे में घुसते ही मेरा पहला काम तुम्हारे दरवाजों को बंद करना ही था और सामने के दरवाजे के बजाय कम संदेहवाली जगह से बाहर निकलने के बारे में तुमसे पूछे जाने के लिए मैं विवश कर दिया गया था।’’

मैंने अकसर अपने साथी के साहस की प्रशंसा की थी, परंतु इस बार के जितनी कभी नहीं और जिस तरह से उसने शांतिपूर्वक घटनाएँ बताईं एवं जिन्हें आपस में जोड़ते ही यह एक डरावना दिन बन गया था।

मैंने कहा, ‘‘तुम रात यहाँ गुजारोगे?’’

‘‘नहीं, मेरे दोस्त, मैं तुम्हारे लिए कोई खतरा नहीं बनना चाहता हूँ। मेरे पास मेरी योजनाएँ हैं और जल्दी ही सबकुछ ठीक हो जाएगा। अब तक सबकुछ तय हो चुका है और जहाँ तक गिरफ्तारी का प्रश्न है, इसमें उन्हें मेरी सहायता की जरूरत नहीं होगी, हालाँकि दोष साबित करने के लिए मेरी मौजूदगी जरूरी है। इसीलिए इससे बेहतर और कुछ भी नहीं हो सकता है कि मैं कुछ दिनों के लिए गायब हो जाऊँ। इससे पुलिस को अपना काम करने में आसानी होगी और मेरे लिए एक खुशी की बात होगी कि तुम मेरे साथ महाद्वीप चलो।’’

मैंने कहा, ‘‘मेरी प्रैक्टिस इस समय धीमी है और मेरा पड़ोसी भी सहयोग करनेवाला व्यक्ति है। मुझे तुम्हारे साथ चलने में खुशी होगी।’’

‘‘तब कल सुबह शुरू करते हैं।’’

‘‘बहुत जरूरी है क्या?’’

‘‘हाँ, बहुत ही जरूरी है। ये तुम्हारे निर्देश हैं, प्रिय वाटसन! मेरी तुमसे विनती है कि तुम अक्षरशः उनका पालन करोगे, क्योंकि तुम यूरोप के सबसे शक्तिशाली और चालाक अपराधी संगठन के खिलाफ मेरे साथ दोनों हाथोंवाला खेल-खेल रहे हो।

अब सुनो! तुम अपना जो भी सामान ले जानेवाले हो, उसे तुम आज रात बिना पता लिखे ही अपने एक विश्वसनीय आदमी के साथ विक्टोरिया भेज दोगे। सुबह तुम अपने आदमी को यह कहते हुए एक घोड़ागाड़ी लाने के लिए भेजोगे कि वह वहाँ मौजूद पहली और दूसरीवाली गाड़ी को नहीं लेगा। इस घोड़ागाड़ी से तुम लाथर एक्रेड के स्टैंड की ओर चलोगे और कोचवान को कागज के टुकड़े पर पता लिखकर दे दोगे, साथ ही उसे यह भी बता देना कि वह इसे कहीं फेंके नहीं। अपना किराया तैयार रखना और जैसे ही तुम्हारी गाड़ी रुके, तुम एक्रेड से भागकर दूसरी तरफ ठीक सवा नौ बजे पहुँच जाना। वहाँ तुम्हें एक घोड़ेवाली छोटी गाड़ी इंतजार करती मिलेगी, जिसे एक काली शाल ओढ़े हुए आदमी चला रहा होगा। तुम इसमें घुस जाना और कॉण्टीनेंटल एक्सप्रेस के लिए ठीक समय विक्टोरिया पहुँच जाओगे।’’

‘‘मैं वहाँ तुमसे कहाँ मिलूँगा?’’

‘‘ठीक स्टेशन पर। सामनेवाला प्रथम श्रेणी का दूसरा डिब्बा हमारे लिए आरक्षित होगा।’’

‘‘वह बोगी ही हमारी मुलाकात की जगह है।’’

‘‘ठीक है।’’

अब होम्स से शाम को रुकने के लिए पूछना बेकार था। मेरे लिए उसका यह सोचना स्पष्ट हो गया था कि वह जिस छत के नीचे था, उसके लिए वह परेशानी बन सकता था और इसी उद्देश्य ने उसे चले जाने के लिए बाध्य किया था। कल की अपनी योजना के अनुसार वह जल्दी-जल्दी कुछ शब्द बुदबुदाते हुए मेरे साथ बगीचे में आया और फिर उस दीवाल पर चढ़कर दूसरी तरफ रास्ते पर कूद गया, जो कि सीधा मोर्टीमर स्ट्रीट की तरफ जाता था। उसने घोड़ागाड़ी के लिए एक सीटी की आवाज निकाली और फिर उसी से मैंने उसे जाते हुए सुना।

सुबह मैंने होम्स के निर्देशों का पालन किया। एक घोड़ागाड़ी इतनी सावधानी से यह बचाते हुए ली गई कि यह हमारे लिए ही तैयार की गई थी। नाश्ते के बाद मैं तुरंत ही लोअर एक्रेड की तरफ चल दिया, जहाँ से मैं अपनी पूरी तेजी से भागा। अब मेरे सामने एक छोटी सी एक घोड़ेवाली गाड़ी खड़ी थी, जिसके कोचवान ने काली शॉल लपेट रखी थी। जैसे ही मैं इसमें बैठा, इसने अपना चाबुक घोड़े पर लहराया और तेजी से विक्टोरिया स्टेशन की तरफ भागा। मेरे उतरते ही उसने अपनी गाड़ी वापस मोड़ ली और बिना मेरी तरफ देखे ही तुरंत तेजी से वापस चल दिया।

यह सबकुछ बहुत ही अच्छे ढंग से हुआ। मेरा सामान मेरा इंतजार कर रहा था और होम्स की बताई जगह को खोजने में मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। ऐसा इसलिए भी हुआ, क्योंकि ट्रेन में केवल यही जगह थी, जिस पर ‘आरक्षित’ लिखा था। अब मेरी केवल एक ही बेचैनी थी कि होम्स वहाँ नहीं थे। स्टेशन की घड़ी बता रही थी कि हमारी यात्रा की शुरुआत में सिर्फ सात ही मिनट बचे थे। यात्रियों के समूहों और उन्हें विदा करनेवालों में मैंने उन्हें ढूँढ़ा, पर यह सब व्यर्थ था, क्योंकि मुझे उनमें अपने साथी का कोई निशान नहीं मिला। मैंने अपना कुछ समय इटली के एक बुजुर्ग पादरी की सहायता करने में बिताया, जो कि कुली को अपनी टूटी-फूटी अंग्रेजी में यह बताने की कोशिश कर रहा था कि उसका सामान पेरिस के लिए बुक होना था। फिर एक बार और चारों तरफ देखते हुए मैं वापस अपनी बोगी की तरफ लौट आया, जहाँ मुझे वही कुली मिला और उसने टिकट के बदले वही जीर्ण-शीर्ण पादरी साथी के रूप में दे दिया। उसे यह बताना मेरे लिए बेकार था कि उसकी मौजूदगी मेरे लिए अनधिकार घुसपैठ है, क्योंकि मेरा इटली भाषा का ज्ञान उसकी अंग्रेजी से भी कम था, इसीलिए मैंने अपने कंधे अस्वीकृति में उचका दिए और बेचैनी से अपने साथी के लिए इधर-उधर देखने लगा। जैसे ही मैंने सोचा कि उसकी गैर-मौजूदगी का मतलब यह हो सकता था कि उस रात उस पर कोई घातक हमला हुआ होगा, डर की एक सिहरन सी मुझमें दौड़ गई। ट्रेन के दरवाजे पहले ही बंद हो चुके थे और जब सीटी बजी, तभी एक आवाज आई, ‘‘प्रिय वाटसन! तुमने मुझे गुड मॉर्निंग कहने की भी जहमत नहीं उठाई।’’

मैं आश्चर्यचकित होकर मुड़ा। उस बुजुर्ग पादरी ने अपना चेहरा मेरी ओर घुमाया। अगले ही पल उसकी झुर्रियाँ सीधी हो गईं, नाक ठुड्डी से हट गई और नीचे के होंठों का आगे की ओर निकलना व मुँह का बुदबुदाना खत्म हो गया। उसकी उदास सी आँखों में एक चमक आ गई और उसका झुका हुआ शरीर तन गया। अब वह पुराना ढाँचा गायब हो चुका था और उसकी जगह होम्स ने ले ली थी।

मैं चीख पड़ा, ‘‘हे भगवान्! तुमने मुझे कितना चौंका दिया।’’

वह फुसफुसाते हुए बोला, ‘‘अभी भी सुरक्षा जरूरी है। मुझे पता था कि वे मेरा पीछा करेंगे। ओह, वहाँ मोरिआर्टी खुद भी मौजूद है।’’

जैसे ही होम्स ने इतना कहा, ट्रेन चल पड़ी। पीछे की तरफ जब मैंने देखा तो वहाँ एक लंबा आदमी भीड़ को धक्का देते हुए आगे बढ़ रहा था और अपने हाथ इस तरह से हिला रहा रहा था कि जैसे वह ट्रेन रोकना चाहता हो। अब बहुत देर हो चुकी थी। ट्रेन ने अपनी गति पकड़ ली और थोड़ी ही देर में स्टेशन को पीछे छोड़ दिया।

होम्स ने हँसते हुए कहा, ‘‘अपने सारे सुरक्षा के उपायों के चलते हम बाल-बाल बचकर निकल आए।’’

वह उठ खड़ा हुआ और खुद को छुपानेवाले अपने उस काले चोगे तथा हैट को उतारकर हैंडबैग में रख दिया।

‘‘वाटसन! क्या तुमने आज सुबह का अखबार पढ़ा है?’’

‘‘नहीं।’’

‘‘तब, तुम्हें बेकर स्ट्रीट के बारे में भी नहीं पता होगा।’’

‘‘बेकर स्ट्रीट?’’

‘‘उन्होंने पिछली रात को हमारे कमरों में आग लगा दी थी। इसमें कुछ अधिक नुकसान नहीं हुआ।’’

‘‘होम्स! यह तो बरदाश्त के बाहर है।’’

‘‘जब उनका वह गदावाला आदमी गिरफ्तार हुआ, तभी वे मुझे ढूँढ़ने में भटक गए। इसीलिए वे अंदाज नहीं लगा सके कि मैं वापस अपने कमरे में आ गया हूँ। उन्होंने तुम पर भी अपनी निगाह रखी थी और इसीलिए मारिआर्टी विक्टोरिया तक पहुँच गया था। तुमने आने में कोई गलती तो नहीं की थी?’’

‘‘मैंने ठीक वही किया जो आपने कहा था।’’

‘‘क्या तुम्हें वह घोड़ागाड़ी मिली थी?’’

‘‘हाँ, वह मेरा इंतजार कर रही थी।’’

‘‘क्या तुमने कोचवान को पहचान लिया था?’’

‘‘नहीं।’’

‘‘वह मेरा भाई माइक्राफ्ट था। ऐसे मामलों में बिना तुमको बताए बिना स्वार्थ के ही उससे लाभ मिल जाता है। ऐसे नाजुक मौकों पर किसी भाड़े के आदमी को अपने विश्वास में नहीं ले सकते। परंतु अब हमें मोरिआर्टी के लिए जो करना है, उसकी योजना बनानी है।’’

‘‘यह एक एक्सप्रेस ट्रेन है और एक नाव इसका पीछा भी करेगी, तो मुझे लगता है हम इससे बहुत ही सुरक्षित ढंग से बच निकले हैं।’’

‘‘प्रिय वाटसन! तुमने मेरी बात का सही अंदाज नहीं लगाया है कि यह आदमी मेरे ही बौद्धिक स्तर का है। तुम सोच नहीं सकते हो कि यदि मैं पीछा करनेवाला होता तो क्या मैं खुद को इतने हलके अवरोध से रोक देने देता। तब तुम उसके बारे में इतना कम क्यों सोचते हो?’’

‘‘वह क्या करेगा?’’

‘‘मुझे क्या करना चाहिए?’’

‘‘तुम क्या करोगे?’’

‘‘दूसरी गाड़ी बदल लो।’’

‘‘पर वह लेट हो सकती है।’’

‘‘कोई फर्क नहीं पड़ता है। यह ट्रेन कैंटरबरी पर रुकती है और वहाँ बोट के आने में कम-से-कम पंद्रह मिनट की देर होती है। वह हमें वहाँ पकड़ लेगा।’’

‘‘कोई भी सोचेगा कि हम अपराधी हैं। उसके आने पर उसे गिरफ्तार हो जाने दो।’’

‘‘यह हमारा तीन महीने का काम बरबाद कर देगा। हमें बड़ी मछली पकड़नी है, पर छोटी मछलियाँ जाल से बाहर बच जाएँगी। सोमवार को हमें वे सब मिल जाएँगी, इसीलिए गिरफ्तार होना ठीक नहीं है।’’

‘‘तब क्या करें?’’

‘‘हम कैंटरबरी पर बाहर आ जाएँगे।’’

‘‘और तब?’’

‘‘फिर हम नेवातेन से डी पी तक की एक लंबी यात्रा करेंगे। मुझे जो चाहिए, मोरिआर्टी वही करेगा। वह पेरिस जाएगा और हमारे सामान को पहचानकर वहाँ डिपो में हमारा दो दिनों तक इंतजार करेगा। इसी बीच हम कपड़े के दो बैग ले लेंगे और अपने देश के निर्माताओं को प्रोत्साहित करते हुए उसी के साथ यात्रा करेंगे। हम लक्सम्बर्ग व बैसले होते हुए स्विट्जरलैंड पहुँचेंगे।’’

कैंटरबरी पर हम केवल इसीलिए उतर गए कि हमें न्यूहेवन के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए वहाँ एक घंटा इंतजार करना था।

मैं अभी भी अपने सामान के साथ जाते हुए वैन को दुःखी मन से देख रहा था, क्योंकि इसमें मेरे कपड़े थे, जबकि होम्स ने मेरी बाँहें खींचीं और पटरी की ओर इशारा किया।

उन्होंने कहा, ‘‘तुम उसे पहले ही देख चुके हो।’’

केंटिश के जंगलों में काफी दूर धुएँ की एक पतली सी रेखा ऊपर उठती हुई दिखाई पड़ रही थी। एक ही मिनट बाद एक गाड़ी का डिब्बा और इंजन दूर मोड़ से आता हुआ दिखाई पड़ा, जो कि स्टेशन की ओर ही आ रहा था। जैसे ही यह गरजता हुआ और अपनी गरम हवा हमारे चेहरे पर छोड़ता हुआ सामने से गुजरा, स्टेशन पर पड़े माल के ढेर के पीछे हो जाने का भी हमारे पास समय नहीं था।

जब हम उस गाड़ी के डिब्बे को पहाड़ी पर जाते हुए देख रहे थे, तभी होम्स ने कहा, ‘‘वह वहाँ जा रहा है।’’

‘‘हमारे साथी की बुद्धिमानी की भी सीमाएँ हैं। यह अप्रत्याशित हो सकता है कि मैं जो भी परिणाम निकालूँ और उस पर काम करूँ, उसका उन्हें पहले से ही पता चल जाता है।’’

‘‘उसने क्या किया होगा, क्या वह हमसे आगे निकल गया होगा?’’

‘‘इसमें कोई शक नहीं है कि उसने मुझ पर मेरी हत्या करने के लिए हमला किया होगा। यही एक खेल है, जिसे दोनों खेल सकते हैं। अब सवाल यह है कि हम पहले ही यहाँ लंच कर लें या न्यूहेवन पहुँचकर खाना खाने तक भूखे रहें।’’

हम उस रात ब्रसेल्स के लिए चल दिए और हमने वहाँ दो दिन बिताए। तीसरे दिन हम स्ट्रासबर्ग के लिए चले। सोमवार की सुबह होम्स ने लंदन की पुलिस को टेलीग्राम किया, जिसका जवाब हमें शाम को होटल में मिल गया था। होम्स ने इसे खोला और फिर बुरा सा मुँह बनाकर फेंक दिया। फिर एक कराहती आवाज में कहा, ‘‘मुझे लगता है, वह बच गया।’’

‘‘मोरिआर्टी?’’

‘‘सिवाय उसके उन्होंने पूरा गिरोह पकड़ लिया। वह बचकर निकल गया। वाकई जब मैंने देश छोड़ा तब उससे कोई बच नहीं सकता था, पर मैंने सोचा था कि मैंने उनके हाथों में उसे दे दिया। वाटसन, मेरे खयाल से तुम्हें वापस इंग्लैंड लौट जाना चाहिए।’’

‘‘क्यों?’’

‘‘क्योंकि मैं अब तुम्हारे लिए एक खतरनाक साथी बन चुका हूँ। इस आदमी का पेशा खत्म हो चुका है। अगर वह लंदन वापस लौटता है तो वहाँ कुछ भी नहीं है। जहाँ तक मैं उसके स्वभाव के बारे में जानता हूँ, वह अपनी पूरी ताकत मुझसे बदला लेने में लगा देगा। उसने मेरे साथ अपनी एक छोटी सी मुलाकात में कहा था और मैं जानता हूँ कि वह वैसा ही करेगा। मैं वाकई तुम्हें परामर्श देता हूँ कि तुम वापस अपनी प्रैक्टिस के लिए चले जाओ।’’

यह किसी व्यक्ति के लिए एक अनुरोध जैसा ही था, जो कि उसका एक पुराना सहयोगी होने के साथ एक पुराना साथी भी था। हम स्ट्रैसबर्ग में इस विषय पर आधे घंटे तक बहस करते रहे और उसी रात हमने अपनी यात्रा जिनेवा के लिए शुरू कर दी।

एक सप्ताह तक हम रॉन की मनोहर घाटी में घूमते रहे और फिर ल्यूक होते हुए जेमिनी दर्रे तक गए। जो कि बर्फ से ढका हुआ था। इसके बाद हम इंटरलेकन से मेरिजनेन भी गए। यह एक बहुत ही मनभावन यात्रा थी, नीचे धरती पर हरियाला वसंत और ऊपर सफेद बर्फ; परंतु यह मुझे बिलकुल ही स्पष्ट था कि एक पल के लिए भी होम्स उस काली छाया को नहीं भूल पाए थे। घर की तरह के उस अल्पाइन के गाँव और एकांतवाले पहाड़ी दर्रों में भी मैं उसकी चौकन्नी आँखों और हर आने-जानेवाले चेहरे पर उनकी तीक्ष्ण दृष्टि को देख रहा था। उसे इस बात का पक्का यकीन था कि हम जहाँ भी जाएँगे, हम खतरे से बाहर नहीं रहेंगे, जो कि हमारे पैरों के निशान का पीछा कर रहा था।

मुझे याद है कि एक बार जब हम जेमिनी से होकर गुजर रहे थे और डाउबेंसी की सीमा पर ही थे, तभी ऊपर पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर नीचे की ओर लुढ़का और ठीक हमारे पीछे झील में आवाज करता हुआ गिर गया। एक झटके से होम्स किनारे टीले पर चढ़ गया और अपनी गरदन घुमाकर चारों ओर देखने लगा। वहाँ कोई नहीं दिखा और हमारे गाइड ने हमें यकीन दिलाया कि इस मौसम में यहाँ पत्थर अकसर गिरते रहते हैं। होम्स ने कोई जवाब नहीं दिया, पर उस आदमी की बात सुनकर मेरी तरफ देखकर एक ऐसे व्यक्ति की तरह मुसकराया, जो कि अपनी बात का असर देख रहा हो।

अपने पूरे चौकन्नेपन के बावजूद वह हताश नहीं हुआ था। बल्कि मैंने पहले कभी उसको इतना अधिक उत्साह में नहीं देखा था। वह बार-बार इस बात पर आ जाता था कि यदि उसे इसका यकीन हो जाता कि वह समाज को मोरिआर्टी से आजाद करा सकता है, तब वह अपने पेशे को प्रसन्नतापूर्वक एक परिणाम तक पहुँचा हुआ महसूस करता।

‘‘मैं सोचता हूँ वाटसन, मैं अब यह कह सकता हूँ कि मैंने अपना जीवन बरबाद नहीं किया है। अगर मेरे संग्रह आज की रात बंद कर दिए जाते हैं, तब भी मैं उनका धैर्यपूर्वक अवलोकन कर सकता हूँ। लंदन की हवा मेरे लिए बहुत ही मधुर है। हजारों मामले, जिनमें मैंने काम किया है, मुझे याद नहीं है कि मैंने अपनी ताकत का इस्तेमाल कभी किसी गलत पक्ष के लिए किया हो। हाल ही में, बजाय उन अधिक बनावटी मामलों, जिनके लिए हमारे समाज की बनावटी स्थिति जिम्मेदार है, मेरा रुझान प्रकृति के द्वारा पैदा की गई समस्या की ओर रहा। वाटसन! यूरोप के सबसे अधिक खतरनाक और सक्षम अपराधी को पकड़ने या उसके सफाए के द्वारा जब मैं अपने पेशे को सजाऊँगा, तब वह दिन तुम्हारे संस्मरणों की समाप्ति का होगा।’’

जो कुछ भी मेरे पास बताने के लिए बचेगा, उसे मैं संक्षिप्त रूप में और ठीक-ठीक बता दूँगा। यह एक विषय नहीं है, जिसमें मैं बना रहना चाहता हूँ, फिर भी मैं सचेत हूँ कि विस्तार से बताने के साथ किसी भी महत्त्वपूर्ण तथ्य को न भूलने का कार्य मुझे सुपुर्द किया गया है।

यह तीन मई थी और हम एक छोटे से गाँव मेरिंजेन पहुँचे, जहाँ हम इंग्लिशर हॉफ के पास रुके और फिर उसके बड़े भाई पीटर स्टेलियर के पास ठहराए गए। हमारा मकान मालिक एक बहुत ही बुद्धिमान आदमी था, वह बहुत ही अच्छी अंग्रेजी बोलता था। उसने लंदन के ग्रासवेनर होटल में तीन साल तक बेयरे की नौकरी की थी। उसी की राय पर हम चार तारीख को दोपहर में साथ-साथ इस इरादे के साथ पहाड़ी को पार करने चल दिए कि हम राजेनलुई की एक झोंपड़ी में रात गुजारेंगे। हमें समझाया गया था कि रेजिनबाख के झरने को उन छोटे चक्करदार रास्तों के देखे बिना उसे पार न करें, जो कि पहाड़ी के करीब आधे रास्ते पर है।

यह वाकई एक बहुत ही डरावनी जगह है। पिघली हुई बर्फ से यहाँ जलप्रवाह प्रबल था, जो कि नीचे बहुत ही गहराई में गिर रहा था। इसकी फुहारें जलते हुए घर के धुएँ की तरह घुमड़ रही थीं। यह नदी बहुत ही भयानक रूप में उस खाई में गिर रही थी। इसके किनारे काली चमकीली चट्टानें थीं। दूधिया रंग की यह नदी आगे से सँकरी होती हुई नीचे गहराई में गिर रही थी। तेजी से बहती हुई यह धारा ऊपर तक लबालब भरी हुई थी। दूर तक फैला हुआ वह हरे रंग का पानी नीचे गरज रहा था और फुहारों का वह मोटा परदा ऊपर की तरफ फुफकार रहा था। इसकी लगातार और शांति प्रदान करनेवाली हवा आदमी को एक खुमारी में ला दे रही थी। हम किनारे खड़े होकर नीचे पानी को देख रहे थे, जो कि काली चट्टानों के बीच से होकर जा रहा था और खाई के ऊपर आती फुहारों के साथ आवाजों को सुन रहे थे।

झरने का पूरा दृश्य देखने के लिए रास्ते को गोल आकार देते हुए बंद कर दिया गया था, पर यह अचानक ही खत्म हो जाता था और यात्री जिधर से आता उसे उधर की ही ओर वापस जाना पड़ता था। इसीलिए हमें भी मुड़कर जाना पड़ा कि तभी हमने देखा कि स्विट्जरलैंड का रहनेवाला एक युवक अपने हाथों में एक चिट्ठी लेकर दौड़ता हुआ आ रहा है। इसमें उसी होटल का निशान बना हुआ था, जिसे हमने अभी-अभी छोड़ा था। मकान मालिक ने इस चिट्ठी पर मेरा नाम लिखा था। इससे पता चला कि हमारे होटल छोड़ने के कुछ ही मिनटों के बाद वहाँ एक अंग्रेज महिला आई थी, उसकी हालत फेफड़े के संक्रमण से बहुत खराब थी। वह डेवास प्लाट्ज पर छुट्टियाँ मनाने गई थी और अब अपने दोस्तों के पास ल्युसरने जा रही थी कि तभी उसकी तबीयत खराब हो गई। ऐसा मालूम पड़ता था कि वह कुछ ही घंटों की मेहमान है, यदि मैं वापस लौट जाता हूँ तो एक अंग्रेज डॉक्टर का उसको देखना उसके लिए एक बड़ी दिलासा होगी। उस भले आदमी स्टेलियर ने मुझे उस चिट्ठी में यकीन दिलाया था कि वह मेरी इस तकलीफ के लिए मेरा आभारी रहेगा। चूँकि उस महिला ने स्विट्जरलैंड के किसी चिकित्सक के लिए मना कर दिया था, इसीलिए वह इसे अपने ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी मान रहा था।

यह अनुरोध इस तरह से था कि इसे मना नहीं किया जा सकता था। अपने देश की महिला, जो कि अपरिचित भूमि पर मरनेवाली थी, उसके लिए इस प्रार्थना को अस्वीकार करना असंभव था। हालाँकि होम्स को छोड़कर जाते हुए मुझे झिझक हो रही थी। अंत में तय यह हुआ कि वे उस युवा संदेशवाहक को अपने पास रास्ता बतानेवाले और सहयोगी के रूप में रखेंगे और मैं मैरिंजेन जाऊँगा।

होम्स ने कहा कि वे कुछ समय झरने के पास बिताएँगे और फिर धीमे-धीमे पहाड़ी पर चढ़ते हुए रोजेनलुई पहुँचेंगे, जहाँ शाम को मैं उनसे फिर मिल लूँगा। जैसे ही मैं कुछ दूर पहुँचा तो मैंने देखा कि होम्स की पीठ एक चट्टान के सहारे टिकी है और वे हाथ बाँधकर नीचे झरने का पानी देख रहे हैं। यही वह उनका अंतिम दृश्य था, जो मेरी तकदीर ने मुझे इस दुनिया में दिखाया था।

जब मैं काफी नीचे उतर आया और मुड़कर देखा, तब उन्हें वहाँ से देख पाना असंभव था, परंतु मैं उस घुमावदार रास्ते को देख सकता था, जो कि पहाड़ी से होकर उन तक जाता था। इसी पर एक आदमी, जहाँ तक मुझे याद है, काफी तेजी से जा रहा था। मैंने उसकी काली छाया की बाहरी रूपरेखा बहुत ही स्पष्ट रूप से देखी थी। मैंने उसके जल्दी-जल्दी चलने पर ध्यान दिया था, परंतु अपनी मंजिल पर जाने की जल्दी में वह मेरे दिमाग से हट गया था।

मेरिंजेन पहुँचने में मुझे एक घंटे से कुछ अधिक समय लगा। वह बुजुर्ग स्टेलर अपने होटल के पोर्च में खड़ा था। मैंने जल्दी-जल्दी आते हुए कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि वह अभी ज्यादा बुरी स्थिति में नहीं होगी।’’

उनके चेहरे पर एक आश्चर्य का भाव था और उनकी भौंहों के प्रदर्शन ने मेरे दिल की धड़कन बढ़ा दी थी। उस चिट्ठी को जेब से बाहर निकालते हुए मैंने कहा, ‘‘क्या यह चिट्ठी आपने नहीं लिखी है? क्या इस होटल में कोई अंग्रेज बीमार औरत नहीं है?’’

वह जोर से बोला, ‘‘बिलकुल नहीं। मगर इस चिट्ठी पर मेरे होटल का निशान है। इसका मतलब है कि इसे उसी लंबे अंग्रेज आदमी ने लिखा होगा, जो तुम लोगों के जाने के बाद आया था।’’ उसने कहा।

पर मैं उस होटल के मालिक की बात सुनने के लिए नहीं रुका। एक अजीब से भय के साथ मैं उस गाँव की सड़क पर दौड़ पड़ा और उसी ओर भागा, जिधर से मैं अभी-अभी उतरा था। इसमें मुझे करीब एक घंटा लग गया था। अपनी सारी कोशिशों के बावजूद एक बार फिर से रेजिनबाख के झरने तक पहुँचने में मुझे दो घंटे लग गए। होम्स का सामान उसी चट्टान पर पड़ा हुआ था, जहाँ मैंने उन्हें छोड़ा था, परंतु वहाँ उनका कोई नामोनिशान नहीं था। उनको आवाज देकर मेरा पुकारना भी बेकार गया, छोटी-छोटी पहाडि़यों से टकराकर आती मेरी आवाज की प्रतिध्वनि ही मेरा जवाब थी।

उनके वहाँ पड़े सामान को देखकर मेरा दिल बैठा जा रहा था। इसका मतलब यह हुआ कि वे रोजेनलुई नहीं पहुँचे। वे इसी तिराहे पर ही रुके होंगे, जिसके एक ओर सीधी-सपाट चढ़ाई और दूसरी ओर गहरी खाई थी। तभी उनके दुश्मन ने उन्हें पकड़ लिया होगा। वह स्विट्जरलैंड वाला युवक भी चला गया था। उसको शायद मोरिआर्टी ने कुछ धन दिया होगा और उसके साथ दो आदमी भी थे। फिर क्या हुआ होगा? कौन हमें बताए कि क्या हुआ होगा?

अपने आपको संयत करने के लिए मैं एक या दो मिनट के लिए खड़ा रहा, क्योंकि मैं उन चीजों को देखकर थोड़ा भयभीत हो गया था। फिर मैंने होम्स के अपने तरीकों की तरह सोचना शुरू किया और इस आपदा को समझने के लिए उनको व्यवहार में लाने की कोशिश की। ऐसा करना बहुत ही आसान था। अपनी बातचीत के दौरान हम उस रास्ते के अंतिम सिरे तक नहीं गए थे और वहाँ पड़ा हुआ उनका सामान यही बता रहा था कि हम वहीं खड़े थे। वहाँ की काली मिट्टी फुहारों की बौछार से नरम हो गई थी और इस पर अब एक चिडि़या के निशान बन सकते थे। जाते हुए पैरों के दो निशान वहाँ काफी दूर तक स्पष्ट थे, वे दोनों निशान मुझसे दूर होते जा रहे थे, परंतु उनमें से कोई भी निशान वापसी की तरफ नहीं लौटा था। उस मिट्टी से कुछ एक गज की दूरी पर ऐसा लगता था कि जमीन कुछ रौंदी गई थी और खाई में लटकी हुई झाडि़याँ टूटी तथा बिखरी हुई थीं। मैंने आगे की ओर झुककर देखा, पर तेज आती हुई फुहारों ने मुझे पूरा भिगो दिया। मेरे वहाँ से चलने के पहले ही अँधेरा हो चुका था और अब मुझे चमकती हुई चट्टानों पर केवल नमी ही दिख रही थी। नीचे दूर तक पानी के गिरने की आवाज थी। मेरे पुकारने पर केवल उसकी प्रतिध्वनि ही आती थी।

यह भाग्य का ही खेल था कि मेरे साथी और सहयोगी की अंतिम बधाइयाँ ही मेरे साथ थीं। उसका सामान अभी भी चट्टान से टिका हुआ रास्ते पर पड़ा था। पास ही के एक पत्थर पर कुछ चमकती हुई सी चीज ने मेरा ध्यान अपनी तरफ खींचा और हाथ बढ़ाकर उठाते ही मुझे लगा कि यह तो चाँदी का सिगरेट का डिब्बा है, जिसे वे हमेशा अपने साथ रखते थे। मैंने इसे जैसे ही उठाया कि तभी इसके नीचे दबा एक चौकोर कागज का टुकड़ा नीचे जमीन पर गिर पड़ा। इसे खोलने पर मैंने देखा कि यह उनकी नोटबुक से फटे पन्ने हैं और इनमें उन्होंने मुझे ही संबोधित करके लिखा है। यह उस व्यक्ति का गुण था कि उसकी दिशा स्पष्ट थी और लिखावट उतनी ही साफ तथा सुघड़ कि जैसे यह उसके अपने अध्ययन- कक्ष में ही लिखी गई हो।

प्रिय वाटसन!

मैं कुछ पंक्तियाँ मि. मोरिआर्टी की आभार स्वीकृति में लिख रहा हूँ, जिन्होंने उन प्रश्नों की अंतिम चर्चा के लिए, जो कि हम दोनों के ही बीच थे, मेरी सुविधा का इंतजार किया। उसने मुझे अपने काम के तरीकों की रूपरेखा दिखा दी है, जिसके द्वारा वह अंग्रेज पुलिस से बच निकला और उसने हमारी गतिविधियों के बारे में पता लगा लिया। मैंने उसकी काबिलियत के बारे में जो ऊँची धारणा बना रखी थी, उसे उसने और भी पक्का कर दिया। मुझे यह सोचकर बहुत खुशी है कि मैं समाज को उसकी मौजूदगी से होनेवाले आगामी प्रभावों से आजाद कर दूँगा, हालाँकि मुझे डर है कि यह सब उस कीमत पर होगा, जो कि मेरे साथियों के लिए, खासतौर से वाटसन, तुम्हें बहुत ही पीड़ादायक होगा। मैं तुम्हें पहले ही बता चुका हूँ कि मेरा पेशा अपने एक खास मुकाम तक पहुँच चुका है और इससे अधिक अनुकूल इसके समापन की संभावना नहीं है। दरअसल, मैं अपना अपराध स्वीकार करता हूँ कि मुझे पूरा अंदाज था कि मरिंजेन से आनेवाला वह पत्र एक धोखा था और मैंने तुम्हें इस उद्देश्य से जाने की अनुमति दी थी कि इस मामले में कुछ इसी तरह का नतीजा निकलेगा। इंस्पेक्टर पैटरसन से कहना कि इस गिरोह को कठघरे में लाने के लिए जिन कागजों की उसे जरूरत है, वे एम वाले ताखे में रखे हैं और उस नीले रंग के लिफाफे के ऊपर ‘मोरिआर्टी’ लिखा है। इंग्लैंड से चलते समय मैंने अपनी सारी संपत्ति अपने भाई माइक्राफ्ट के हवाले कर दी थी। प्लीज, मिसेज वाटसन को मेरी शुभकामनाएँ देना और मेरे प्रति अपना विश्वास बनाए रखना।

तुम्हारा

शेरलॉक होम्स


अब जो बच गया था, उसके लिए संक्षेप में ये कुछ शब्द ही काफी थे। विशेषज्ञों की छानबीन ने थोड़ी भी शुबहा नहीं छोड़ी थी कि दोनों व्यक्तियों के बीच का निजी द्वंद्व समाप्त हो चुका था। सिवाय इसके कोई दूसरा अंत नहीं था कि इस परिस्थिति में वे दोनों एक-दूसरे को बाँहों में जकड़े लुढ़कते चले गए होंगे। उनके शरीरों को ढूँढ़ने की कोशिश भी पूरी तरह से बेकार थी, क्योंकि वहाँ उस भँवरवाले पानी के कड़ाह और उफनते झाग में वह खतरनाक अपराधी तथा अपनी पीढ़ी का वह कानून का विजेता हमेशा-हमेशा के लिए डूब गया होगा। स्विट्जरलैंड का वह युवक फिर कभी नहीं दिखा। इसमें कोई शक नहीं था कि वह उन्हीं एजेंटों में से एक होगा, जिसे मोरिआर्टी ने रख छोड़ा था। जहाँ तक उस गिरोह का सवाल है, वह लोगों की स्मृति में था कि वे सबूत कितने पक्के थे, जो होम्स ने उनके संगठनों के खुलासे के लिए इकट्ठे किए थे और उस मृत व्यक्ति का हाथ उस पर कितना भारी पड़ा था। उनके खतरनाक मुखिया के बारे में कुछ बातें मुकदमे के दौरान बाहर आईं। अब अगर मैं उनके कॅरियर के बारे में कुछ कहने के लिए मजबूर हूँ तो वह उन अविवेकी लोगों की वजह से है, जिन्होंने उन पर अपने हमलों के द्वारा उन यादों को मिटाने की कोशिश की है, जिन्हें मैं हमेशा एक बेहतर और बुद्धिमान व्यक्ति का दर्जा देता रहूँगा।



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