छींटदार फीते का रहस्य - शेरलॉक होम्स


 अपने उन सत्तर खास मामलों के नोट्स पर एक नजर दौड़ाते वक्त, जिनमें अपने मित्र शेरलॉक होम्स के पिछले आठ सालों के काम करने के तरीकों का मैंने अध्ययन किया और पाया कि उनमें से बहुत से दुःखद, कुछ मजेदार और अधिकतर तो आश्चर्यजनक थे। वे सब कोई मामूली मामले नहीं थे। उन्होंने इन्हें धन कमाने के लिए नहीं बल्कि अपने काम से प्यार की वजह से किया था। वह उन जाँच-पड़तालों से स्वयं को अलग कर लेता था, जो असामान्य और आश्चर्यजनक नहीं होती थीं। मुझे याद नहीं कि इस तरह के कई केसों में स्टॉक मोरान में रॉयलाट्स के उस जाने-माने परिवार के साथ घटी घटना की तुलना में किसी और ने अधिक असाधारण घटना सुलझाई हो। यह घटना होम्स के साथ मेरे जुड़ने के शुरुआती दिनों में घटी थी। उन दिनों हम अविवाहित थे और बेकर स्ट्रीट के एक ही कमरे में साथ-साथ रहा करते थे। उस समय इस मामले की गोपनीयता का एक वादा किया गया था। पिछले महीने उस महिला, जिससे वह वादा किया गया था, की असामयिक मौत ने मुझे इससे मुक्त कर दिया। अब इस सच्चाई को रोशनी में आना चाहिए, क्योंकि डॉ. ग्रिम्सबाय रॉयलाट की मौत के बारे में अफवाहें फैली हुई हैं, जिन्होंने इस मामले को वास्तविकता से कहीं अधिक भयावह बना दिया है। 

यह अप्रैल 1883 की शुरुआत थी और मैंने एक सुबह शेरलॉक होम्स को कपड़े पहने हुए पूरी तरह से तैयार अपने बिस्तर के बगल में खड़े देखा। नियमतः वह देर से उठनेवाला व्यक्ति है और घड़ी में उस समय सिर्फ सवा सात ही बजे थे। मैंने उसकी तरफ आँखें झपकाते हुए आश्चर्य से देखा, जिसमें थोड़ी सी चिढ़ भी थी, क्योंकि मैं अपनी आदतों के मामले में काफी नियमित हुआ करता था।

होम्स ने कहा, ‘‘मुझे माफ करना, वाटसन! मैंने तुम्हें जगा दिया, पर बात बिलकुल साधारण सी है कि आज सुबह मिसेज हडसन ने दरवाजा खटखटाया और मुझे जगा दिया, और मैंने तुम्हें।’’

‘‘तब ऐसी क्या बात है? आग लगी है क्या?’’

‘‘नहीं, ऐसा लगता है कि एक युवती बदहवास हालत में आई है और मुझसे मिलना चाहती है। अभी भी वह बैठक-कक्ष में मेरा इंतजार कर रही है। महानगरों में इतनी सुबह जब जवान औरतें घूमती-फिरती हैं और नींद में पड़े लोगों को उनके बिस्तरों से उठाती हैं, तब मेरा मानना है कि कोई बहुत ही खास बात होगी, जिसे वह बताना चाहती है। क्या इससे यह लगता है कि यह एक दिलचस्प केस होगा? मुझे यकीन है कि तुम इसमें शुरू से ही रहना चाहोगे। मेरे विचार से किसी भी कीमत पर मुझे तुमसे इसके लिए कहना चाहिए और तुम्हें मौका देना चाहिए।’’

‘‘मेरे प्यारे दोस्त! मैं किसी भी कीमत पर इसे खोना नहीं चाहूँगा।’’

होम्स की पेशेवर छानबीनों का अनुसरण एवं उसके अपने अंतर्ज्ञान की तीव्रता से इनके समाधान की प्रशंसा से बढ़कर मेरे लिए और कोई प्रसन्नता नहीं थी। उसे जो भी केस दिए गए, उसने उन्हें तार्किक आधार पर सुलझाया था। मैंने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहने और बैठक-कक्ष में अपने मित्र का साथ देने के लिए कुछ ही मिनटों में तैयार हो गया। वहाँ एक परदानशीं महिला काले कपड़ों में खिड़की के पास बैठी थी। जैसे ही हम कमरे में घुसे वह खड़ी हो गई।

होम्स ने प्रसन्नतापूर्वक कहा, ‘‘गुड मॉर्निंग मैडम! मेरा नाम शेरलॉक होम्स है। ये हैं डॉ. वाटसन, मेरे खास दोस्त और सहयोगी। इनके सामने आप बेझिझक अपनी बात कह सकती हैं। वाह! मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि मिसेज हडसन ने अँगीठी जलाने की समझदारी दिखा दी है। इस अँगीठी को आप अपने पास रख लीजिए और मैं एक कप गरम कॉफी ऑर्डर करता हूँ, क्योंकि मैं देख रहा हूँ कि आप ठंड से काँप रही हैं।’’

उस महिला ने अपनी जगह बदलते हुए धीमी आवाज में कहा, ‘‘मैं ठंड की वजह से नहीं काँप रही हूँ।’’

‘‘तब क्या है?’’

‘‘यह डर है मि. होम्स, डर!’’ इतना कहकर उस महिला ने अपना नकाब ऊपर उठा दिया।

अब हम देख सकते थे कि वह महिला वाकई बड़ी दयनीय स्थिति में थी, उसका चेहरा पीला पड़ गया था और उसकी बेचैन डरी हुई आँखें शिकार के लिए पीछा किए जानेवाले जानवर की आँखों की तरह लग रही थीं। उसके चेहरे और शरीर से पता चलता था कि वह लगभग तीस वर्ष की होगी। लेकिन उसके बाल असमय ही पक गए थे। उसकी आँखें थकी हुईं, मरियल सी थीं। होम्स ने उस पर अपनी तेज और अनुभवी नजर डाली।

होम्स ने आगे की ओर झुकते हुए सांत्वना भरे शब्दों में उसके हाथों को थपथपाते हुए कहा, ‘‘डरिए मत! मैं सब ठीक कर दूँगा। मुझे लगता है, आप आज सुबह ही ट्रेन से आई हैं।’’

‘‘तो, क्या आप मुझे जानते हैं?’’

‘‘नहीं, मैंने आपके दस्तानेवाली बाईं हथेली में वापसी का टिकट देखा है। आप सुबह जल्दी ही चल पड़ी होंगी और स्टेशन पहुँचने के लिए आपने कच्चे रास्ते पर घोड़ागाड़ी से भी यात्रा की होगी।’’

महिला जोर से चिहुँकी और मेरे सहयोगी की ओर अचरज से देखने लगी। वह मुसकराते हुए बोला, ‘‘इसमें कोई रहस्य नहीं है, मैडम! आपके जैकेट की बाईं बाँह पर कम-से-कम सात जगह कीचड़ के धब्बे लगे हैं। ये धब्बे बिलकुल ताजा हैं। घोड़ागाड़ी के अलावा और कोई सवारी इस तरह से कीचड़ नहीं उछालती है, और फिर आप तो चालक के बाईं ओर बैठी होंगी।’’

वह बोली, ‘‘आपका जरिया चाहे जो भी हो, पर आप बिलकुल सही हैं। मैं घर से सुबह छह बजे से पहले ही चली और बीस मिनट में लेदरहेड पहुँची, फिर वाटर लू के लिए पहली ट्रेन पकड़कर मैं यहाँ आ गई। सर, मैं अब इस तनाव को और नहीं झेल सकती हूँ; अगर यह ऐसे ही बना रहा तो मैं पागल हो जाऊँगी। मेरी सहायता करनेवाला कोई नहीं है—उस अकेले आदमी को छोड़कर, जो यह कर सकता है। मैं आपके बारे में सुन चुकी हूँ मि. होम्स, मुझे आपके बारे में मिसेज फारिंटोश ने बताया है, जिनकी सहायता आपने बहुत ही कठिन परिस्थितियों में की थी। उन्हीं से मुझे आपका पता मिला है। सर, क्या आपको ऐसा नहीं लगता है कि आप मेरी सहायता कर सकते हैं और जिस घने अँधेरे ने मुझे घेर रखा है, उस पर थोड़ी रोशनी तो डाल ही सकते हैं। इस समय आपकी सेवाओं के लिए पुरस्कार देने की मेरी क्षमता नहीं है, पर छह हफ्तों या एक महीने में मेरी शादी हो जाएगी, तब अपनी खुद की आमदनी पर मेरे नियंत्रण के बाद आप मुझे एहसान फरामोश नहीं पाएँगे।’’

होम्स ने अपनी दराज खोली और उसमें से केस वाली एक छोटी सी नोटबुक निकाली, जिसे वह संदर्भ देखने के लिए अपने पास रखते थे।

वे बोले, ‘‘फारिंटोश ओ हाँ, मुझे वह केस याद आ गया, जिसका संबंध उस दूधिया मुकुट से था। मेरे खयाल से वाटसन! यह तुम्हारा मेरे साथ आने के पहले का केस था। मैडम, मैं इस मामले में आपसे सिर्फ इतना ही कह सकता हूँ कि जिस तरह से मैंने आपकी दोस्त के लिए काम किया था, उसी तरह से आपका भी काम करने में मुझे खुशी होगी, और जहाँ तक इनाम का सवाल है, मेरा पेशा अपने आप में ही इनाम है। लेकिन जब भी आपका समय अनुकूल हो, आप मेरा भुगतान कर सकती हैं। अब मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कृपया, सिलसिलेवार ढंग से हर बात बता दें, ताकि मैं इस मसले पर अपनी राय कायम कर सकूँ।’’

हमारी आगंतुक ने जवाब दिया, ‘‘ओह! मेरे डर की स्थिति की वास्तविकता यह है कि मेरा डर बहुत ही अस्पष्ट सा हैं और मेरे संदेह बहुत ही छोटे-छोटे बिंदुओं पर ही निर्भर हैं, जो कि दूसरों को बहुत ही महत्त्वहीन लग सकते हैं। यहाँ तक कि जिससे मुझे सहायता पाने का अधिकार है, वह भी मुझे एक घबराई हुई औरत के रूप में ही परामर्श देता है। परंतु वह इस तरह की बात नहीं कहता है। यह सबकुछ मैं आपके सांत्वना भरे शब्दों और आपकी आँखों में पढ़ सकती हूँ। मैंने सुना है मि. होम्स, कि आप आदमी के दिल की कई परतों के भीतर गहराई से छुपी हुई दुष्टता को भी देख लेते हैं। आप मुझे बताएँ कि इन खतरों से घिरे रहते हुए मैं इनके बीच कैसे रहूँ?’’

‘‘मैडम, मैं आपकी बातों पर पूरा ध्यान दे रहा हूँ।’’

‘‘मेरा नाम हेलन स्टोनर है और मैं अपने सौतेले पिता के साथ रहती हूँ, जो इंग्लैंड की पुरानी सैक्सन फैमिली सरी की पश्चिमी सीमा पर स्टाक मोरान के रायलाट्स के बचे हुए अंतिम व्यक्ति हैं।’’

होम्स ने स्वीकृति में अपना सिर हिलाया और कहा, ‘‘मैं इस नाम से परिचित हूँ।’’

‘‘किसी समय यह परिवार इंग्लैंड के धनिकों में से एक था और इसकी जागीर की सीमाएँ उत्तर में बर्कशायर तथा पश्चिम में हैंपशायर तक फैली हुई थीं। पिछली शताब्दी में एक के बाद एक इसके वारिस लंपट और फिजूलखर्ची की आदतोंवाले थे। रीजेंसी के दिनों में यह परिवार एक जुआरी के हाथों पूरी तरह से बरबाद हो गया था। कुछ एकड़ जमीन और दो सौ साल पुराना वह घर, जो कि अब गिरवी पड़ा है, के सिवाय कुछ भी नहीं बचा। इसके अंतिम जागीरदार ने अपनी जिंदगी की गाड़ी एक अभिजात वर्गीय भिखारी के रूप में दयनीय तरीके से खींची। पर उसके एकमात्र बेटे, यानी मेरे सौतेले पिता ने देखा कि इन्हें नए तरीके का जीवन अपनाना चाहिए। उन्होंने अपने एक संबंधी से धन उधार लिया, जिससे वे डॉक्टरी की डिग्री हासिल कर सके। इसके बाद मेरे पिता कलकत्ता चले आए, जहाँ अपनी काबिलीयत और अच्छे चरित्र से उन्होंने एक बहुत ही अच्छी प्रैक्टिस जमा ली। एक दिन घर में हुई किसी लूट के कारण उन्होंने गुस्से में अपने पड़ोस में रहनेवाले खानसामे को इतना मारा कि वह मर ही गया। फाँसी की सजा से वे बाल-बाल बचे। इसकी वजह से उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। फिर वे चिड़चिड़े और हताश व्यक्ति के रूप में इंग्लैंड वापस आ गए।

‘‘जब डॉ. रायलाट भारत में थे तो वहीं उन्होंने मेरी माँ से विवाह किया, जो कि बंगाल फौज के मेजर जनरल स्टोनर की एक खूबसूरत विधवा थीं। मेरी बहन जूलिया और मैं जुड़वाँ थीं और मेरी माँ की दोबारा शादी के समय हमारी उम्र केवल दो साल की ही थी। मेरी माँ के पास एक हजार पाउंड सालाना आता था और यह पूरा-का-पूरा ही उसने डॉ. रायलाट को वसीयत कर दिया था। हालाँकि हम उनके साथ इसी शर्तनामे के साथ रहते थे कि हमारी शादी होने पर हममें से हरेक को सालाना कुछ धन दिया जाएगा। इंग्लैंड वापस लौटने के कुछ ही समय के बाद मेरी माँ की मौत हो गई। वे आठ साल पहले क्रीव के पास एक रेल दुर्घटना में मारी गईं। इसके बाद डॉ. रायलाट ने लंदन में अपनी प्रैक्टिस जमाने की कोशिश छोड़ दी और हमें साथ लेकर स्टाक मोरान के अपने खानदानी मकान में रहने चले आए। मेरी माँ ने जो पैसा हमारे लिए रख छोड़ा था, वह हमारी जरूरतों के लिहाज से काफी था और हमारी खुशियों में बाधाएँ आएँगी, ऐसा भी नहीं मालूम पड़ता था।

‘‘परंतु इस साल हमारे सौतेले पिता के स्वभाव में एक भयानक परिवर्तन आ गया। अपने पड़ोसियों से मिलने-जुलने और नए मित्र बनाने के बजाय, जो कि उन्हें वहाँ देखकर बहुत खुश हुए थे कि स्टाक मोरान के रायलाट वापस अपने घर आ गए हैं, उन्होंने अपने आपको अपने घर में ही बंद कर लिया और कभी-कभी ही बाहर निकलते थे, वह भी तब जब कोई उनके रास्ते से गुजरता था और उससे झगड़ा करने। गुस्से में हिंसा की सनक तक पहुँचना उस परिवार के लोगों की एक आनुवंशिक आदत रही है। मेरे सौतेले पिता के मामले में मेरा मानना है कि इसकी तीव्रता का कारण एक लंबे समय तक गरम मुल्क में रहना भी रहा है। उनके ऐसे असभ्य झगड़ों की एक लंबी शृंखला सी बन चुकी थी, जिसमें दो तो पुलिस थाने में जाकर खत्म हुए और फिर वे उस गाँव के लिए खतरा बन चुके थे। लोग-बाग उनसे डरकर भागने लगे थे, क्योंकि उनमें काफी शारीरिक बल था और गुस्से में वे बेकाबू हो जाते थे।

‘‘अभी पिछले ही हफ्ते उन्होंने वहीं के एक लोहार को चहारदीवारी से नीचे नदी में फेंक दिया था। फिर जो पैसा मैंने साथ मिलकर इकट्ठा किया था, उसे देकर हमने इस दूसरी मुसीबत से अपना बचाव किया। कुछ घुमंतू बनजारों को छोड़कर कोई भी उनका मित्र नहीं था। उन्होंने झाड़-झंखाड़ से भरी अपनी जमीन, जिससे हमारी खानदानी जागीर का भी पता चलता था, इन बंजारों को डेरा डालने के लिए दे रखी थी। बदले में वे अपने तंबुओं में इनका आतिथ्य-सत्कार करते थे और कभी-कभी इनके साथ सप्ताहांत में दूर कहीं घूमने भी चले जाते थे। भारतीय जानवरों के प्रति भी उनकी दीवानगी थी, जो कि उनके पास वहाँ से भेज दिए जाते थे। इस समय उनके पास एक चीता और एक लंगूर है और ये दोनों ही उनके मैदान में खुले घूमते रहते हैं। ये गाँववालों के लिए उतने ही भयावह हैं, जितना कि उनके मालिक।

‘‘आप इसका अंदाज लगा सकते हैं कि मेरी और मेरी बहन की जिंदगी में अब तक कोई बड़ा सुख नहीं रहा। हमारे यहाँ कोई भी नौकर नहीं टिकता था। एक लंबे समय से हमने खुद ही घर का सारा काम किया है। मेरी बहन की मौत के समय उसकी उम्र सिर्फ तीस साल थी, फिर भी उसके बाल मेरी ही तरह सफेद हो गए थे।’’

‘‘क्या तुम्हारी बहन की मौत हो चुकी है?’’

‘‘उसकी मौत अभी दो साल पहले ही हुई है और उसी की मौत की वजह से मैं आपसे बात करना चाहती हूँ। आप समझ ही सकते हैं कि जिस तरह की अपनी जिंदगी के बारे में मैंने आपको बताया है, हम अपनी उम्र और स्थिति के शायद ही किसी और व्यक्ति को ऐसी हालत में देखना चाहेंगे। हमारी माँ की एक अविवाहित बहन, यानी हमारी एक मौसी भी हैं, जिनका नाम मिस ऑनोरिया वेस्टफेल है। वे हैरो के पास रहती हैं। हमें कभी-कभी ही इनके घर जाने का मौका मिलता है। दो साल पहले क्रिसमस पर जूलिया वहाँ गई थी। वहाँ उसकी मुलाकात नौसेना के एक मेजर से हुई, जो कि अभी आधी तनख्वाह पर काम कर रहा था और जिसके साथ उसका विवाह भी तय हो गया। वापस लौटकर मेरी बहन ने इसकी जानकारी मेरे सौतेले पिता को दी। उन्होंने इस शादी का विरोध नहीं किया था, परंतु शादी की तय तारीख से पंद्रह दिनों पहले ही वह भयानक घटना घट गई, जिसने मेरी अकेली साथी को मुझसे छीन लिया।’’

शेरलॉक होम्स अपनी कुरसी पर पीठ टिकाकर बैठे थे। उनकी आँखें बंद थीं और उनका सिर कुशन पर टिका हुआ था, उन्होंने अपनी अंधमुँदी आँखें खोलीं और अपने आगंतुक की ओर देखा। फिर बोले, ‘‘कृपया खुलकर बताएँ।’’

‘‘मेरे लिए इसे बताना बहुत ही आसान है, क्योंकि उस भयानक वक्त की हर घटना मेरी याददाश्त में बनी हुई है। जैसा कि मैं पहले ही बता चुकी हूँ कि वह इमारत बहुत ही पुरानी है और अब इसका एक ही हिस्सा रिहायशी इस्तेमाल में आता है। इस हिस्से में शयन के कमरे निचले तल पर हैं और बैठक-कक्ष इस इमारत के बीचवाले भाग में है। इन कमरों में से पहला कमरा डॉ. रायलाट का, दूसरा मेरी बहन और तीसरा मेरा खुद का है। उन कमरों में आपस में कोई संपर्क नहीं है, पर वे सभी एक ही गलियारे में खुलते हैं। क्या मैं साफ-साफ बता पा रही हूँ?’’

‘‘बिलकुल ठीक।’’

‘‘तीनों कमरों की खिड़कियाँ बाहर लॉन में खुलती हैं। उस भयावह रात को डॉ. रायलाट अपने कमरे में जल्दी ही चले गए थे, हालाँकि हम जानती थीं कि वे सो नहीं रहे थे, क्योंकि मेरी बहन को उनके उस भारतीय सिगार की तेज महक से परेशानी होती थी, जिसे पीने की उनकी आदत थी। वह अपने कमरे से निकलकर मेरे पास चली आई और वहाँ कुछ देर बैठकर उसने अपनी होनेवाली शादी के बारे में कुछ बातें भी की थीं। ग्यारह बजे वह मेरे पास से जाने के लिए उठी, फिर दरवाजे पर थोड़ा रुककर उसने मेरी ओर मुड़कर देखा और बोली, ‘‘यह बताओ हेलन! क्या तुमने रात के अँधेरे में किसी को सीटी बजाते सुना है?’’

‘‘नहीं तो।’’ मैंने जवाब दिया।

‘‘मेरे खयाल से सोते समय तुम्हारी आवाज तो सीटी की तरह नहीं ही निकलती होगी?’’

‘‘बिलकुल नहीं, पर क्यों?’’

‘‘क्योंकि पिछली कुछ रातों से सुबह करीब तीन बजे मुझे हमेशा एक धीमी पर साफ सीटी की आवाज सुनाई पड़ती है। मैं कच्ची नींद में ही सोती हूँ और इसीलिए इसकी आवाज मुझे जगा देती है। मैं यह नहीं बता सकती हूँ कि यह आती किधर से है, शायद बगलवाले कमरे से या लॉन से। मैंने सोचा कि तुमसे पूछूँ कि शायद तुमने इसे सुना होगा।’’

‘‘नहीं, मैंने नहीं सुना। यह दूर ठहरे हुए उन बनजारों की होनी चाहिए।’’

‘‘बहुत मुमकिन है, पर यदि यह आवाज लॉन में थी तो मुझे आश्चर्य है कि तुमने इसे कैसे नहीं सुना?’’

‘‘हाँ, पर मैं तुमसे अधिक गहरी नींद में सोती हूँ।’’

‘‘अच्छा, खैर कोई बात नहीं। वह मुझे देखकर मुसकराई और मेरा दरवाजा बंद कर दिया, फिर कुछ ही देर बाद मुझे उसके दरवाजे का ताला बंद होने की आवाज सुनाई पड़ी।’’

होम्स ने कहा, ‘‘सच! क्या रोजाना रात को कमरे में ताला लगाना आप लोगों की आदत है?’’

‘‘हमेशा।’’

‘‘क्यों?’’

‘‘मैं आपको पहले ही बता चुकी हूँ कि डॉक्टर ने एक चीता और एक लंगूर पाल रखा था। दरवाजा बंद किए बगैर हमें सुरक्षा नहीं महसूस होती थी।’’

‘‘बिलकुल ठीक। मेहरबानी करके अपनी बात जारी रखिए।’’

‘‘उस रात मैं सो नहीं सकी। आनेवाली बदकिस्मती की एक धुँधली सी अनुभूति ने मुझ पर असर कर दिया था। आपको याद होगा कि मेरी बहन और मैं जुड़वाँ बहनें थीं और आप जानते ही हैं कि दो समान आत्माओं के बीच संपर्क का कितना सूक्ष्म बंधन होता है। वह रात बहुत ही भयानक थी। बाहर हवा में तेज गर्जन की सी आवाज थी और खिड़कियों पर बारिश की चोट और थपथपाहट हो रही थी। अचानक इस तेज आँधी के थपेड़ों के बीच ही एक औरत की डर से भरी चीखने की भयानक आवाज आई। मैं समझ गई कि यह आवाज मेरी बहन की ही है। मैं अपने बिस्तर से उछलकर उठी। मैंने शॉल लपेटा और गलियारे की तरफ भागी। जैसे ही मैंने अपना दरवाजा खोला, मुझे सीटी की एक धीमी सी आवाज सुनाई पड़ी, यह ठीक वैसी ही आवाज थी जैसी कि मुझे मेरी बहन ने बताया था और कुछ ही पलों बाद एक झनझनाहट की आवाज आई, जैसे कि धातु की कोई चीज नीचे गिर पड़ी हो। जब मैं दौड़कर अपनी बहन के कमरे में पहुँची तो मैंने देखा कि उसका दरवाजा खुला हुआ अपने कब्जे पर धीरे से झूल रहा है। मैंने डरते हुए देखा कि न जाने क्या सामने आनेवाला है। गैलरी की लैंप से आनेवाली रोशनी में मैंने अपनी बहन को देखा। उसका चेहरा डर से पीला पड़ गया था, उसके हाथ सहायता के लिए आगे की ओर फैले हुए थे और उसका पूरा शरीर किसी शराबी की तरह आगे-पीछे झूल रहा था। मैं भागकर उसके पास गई और उसे अपनी बाँहों में समेट लिया, पर उसी समय उसके पैरों ने जवाब दे दिया और वह जमीन पर गिर पड़ी। वह इस तरह से तड़प रही थी, जैसे भयानक तरीके से अकड़ गई हो। पहले-पहल मुझे लगा कि उसने मुझे नहीं पहचाना, पर वह चीखती हुई आवाज में बोली, जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊँगी।

‘‘हे भगवान्! हेलन! एक फीता था यहाँ। एक छींटदार फीता।’’

‘‘कोई ऐसी बात थी जिसे वह कहना चाहती थी और उसने डॉक्टर के कमरे की ओर हवा में इशारा भी किया, परंतु फिर से आई उसकी अकड़न ने उसके शब्दों को बाहर निकलने नहीं दिया। अपने सौतेले पिता को चिल्लाकर आवाज देते हुए मैं बाहर की ओर भागी। हड़बड़ी में ही उनके कमरे में उनके ड्रेसिंग गाउन में ही मेरी उनसे मुलाकात हुई। जब वे मेरी बहन के पास पहुँचे तब तक वह बेहोश हो चुकी थी। हालाँकि उन्होंने उसके मुँह में ब्रांडी डाली और उसे गाँव में ही चिकित्सा सहायता के लिए भी भेजा, परंतु सारी कोशिशें बेकार हो गईं और वह बिना होश में आए ही धीमे-धीमे डूबती हुई मौत के आगोश में चली गई। यही मेरी प्यारी बहन का भयानक अंत था।’’

होम्स ने कहा, ‘‘एक मिनट रुको, क्या तुम उस धातु की आवाज और सीटी के बारे में निश्चित हो? क्या तुम कसम खाकर कह सकती हो?’’

‘‘उसकी मौत के बाद हुई छानबीन में मुझसे यही पूछा गया था। मेरा यही मानना है कि मैंने इसे सुना था, मगर आँधी और पुराने हो चुके घर की आवाज में हो सकता है मुझे धोखा हुआ हो।’’

‘‘क्या तुम्हारी बहन कपड़े पहनकर तैयार थी?’’

‘‘नहीं, वह अपने सोनेवाले कपड़ों में ही थी। उसके दाएँ हाथ में एक जली हुई माचिस की तीली और बाएँ हाथ में माचिस की डिबिया थी।’’

‘‘इससे ऐसा लग रहा था कि जब उसे खतरा महसूस हुआ होगा, तब इसे जानने के लिए उसने माचिस जलाई होगी। छानबीन करनेवाला किस नतीजे पर पहुँचा था?’’

‘‘चूँकि डॉक्टर का व्यवहार इस प्रांत में बड़ा ही खतरनाक रहा है, इसीलिए उसने इस मामले की छानबीन बहुत ही ध्यानपूर्वक की थी, परंतु वह मौत का कोई संतोषजनक कारण ढूँढ़ पाने में असफल ही रहा। मेरे सबूतों से पता चलता था कि दरवाजा भीतर से ही बंद था और खिड़कियों में पुराने फैशन की लोहे की छड़ें लगी थीं, जिनसे सारी रात सुरक्षा रहती थी। चारों तरफ की दीवारें काफी मजबूत थीं और जमीन भी उतनी ही ठीक थी। वहाँ की चिमनी काफी चौड़ी थी, साथ ही उस पर लोहे की जाली भी लगी हुई थी। अब यह निश्चित है कि जिस समय मेरी बहन के साथ यह हादसा हुआ, तब वह बिलकुल अकेली थी। इसके अलावा उसके शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट का निशान भी नहीं मिला था।’’

‘‘जहर के बारे में तुम्हारा क्या खयाल है?’’

‘‘डॉक्टरों ने इसकी जाँच कर ली थी और इसमें उन्हें कुछ भी नहीं मिला।’’

‘‘तब तुम क्या सोचती हो कि इस अभागी लड़की की मौत कैसे हुई?’’

‘‘मेरे अनुसार तो उसकी मौत का कारण सिर्फ डर और घबराहट है; पर वह कौन सी चीज थी, जिससे वह डरी, इसका अंदाजा मैं नहीं लगा पाती हूँ।’’

‘‘क्या वे बनजारे उन दिनों वहीं ठहरे हुए थे।’’

‘‘हाँ, थोड़े-बहुत वहाँ हमेशा ही रहते हैं।’’

‘‘फीता—यानी छींटदार फीते के संकेत से तुम क्या समझती हो?’’

‘‘कभी-कभी मुझे लगता था कि यह केवल उन्माद की स्थिति में की गई बात है या यह कुछ लोगों के समूह को दरशाता है, जो कि शायद इन बसे हुए घुमंतू बनजारों का भी हो सकता है। मैं नहीं जानती कि उनमें से कुछ लोग छींटदार रूमाल अपने सिर पर बाँधते हैं और शायद उसी के बारे में उसने कहा हो।’’

एक असंतुष्ट व्यक्ति की तरह होम्स ने अपना सिर हिलाया। वे बोले, ‘‘मामला काफी गंभीर है, प्लीज, तुम अपनी बात जारी रखो।’’

‘‘तब से अब तक दो साल बीत चुके हैं और मेरा जीवन हाल ही तक इतना एकाकी कभी नहीं रहा है। मेरा एक बहुत ही अच्छा दोस्त है, जिसे मैं पिछले कई सालों से जानती हूँ, उसने एक महीने पहले ही शादी के लिए मेरा हाथ माँगा था। उसका नाम आर्मीटोज है और वह रीडिंग के पास ही के क्रेनवाटर के मि. आर्मीटोज का दूसरा बेटा है। मेरे सौतेले पिता ने इस रिश्ते का कोई विरोध नहीं किया और हम बसंत के मौसम में शादी करनेवाले हैं। दो दिन पहले ही इमारत के पश्चिमी हिस्से में मरम्मत का काम शुरू हुआ था, जिसमें मेरे बेडरूम की दीवार पर टूट-फूट हो रही थी। इसलिए मुझे उसी कमरे में आना पड़ा, जिसमें मेरी बहन की मौत हुई थी और मुझे उसी बिस्तर पर सोना पड़ा, जिस पर वह सोई थी। आप मेरे डर का अंदाजा लगा सकते हैं कि जब पिछली रात मैं जग गई और उसके उस भयानक अंत के बारे में सोचने लगी, तभी अचानक मैंने धीमी सीटी की आवाज सुनी, जो कि उसकी अपनी ही मौत का इशारा भी थी। मैं उछलकर उठी और लैंप जलाया, पर मुझे कमरे में कुछ भी नहीं दिखा। मैं अब बिस्तर पर फिर से जाने में भी काँप रही थी, फिर भी मैं तैयार हुई और जैसे ही दिन की रोशनी हुई, मैं बाहर आई। मैंने क्राऊन इन पर एक घोड़ागाड़ी पकड़ी और फिर लेदरहेड आकर आपके पास इस इरादे से चली आई कि मैं आपसे मिलूँ और आपकी राय लूँ।’’

मेरे सहयोगी ने कहा, ‘‘तुमने बहुत ही समझदारी का काम किया, पर क्या तुमने मुझे अब सबकुछ बता दिया है?’’

‘‘जी हाँ, सबकुछ।’’

‘‘आपने सबकुछ नहीं बताया है, मिस रायलाट! आप अपने सौतेले पिता के बारे में छिपा रही हैं।’’

‘‘क्यों, आपका क्या मतलब है?’’

जवाब में होम्स ने उस आगंतुक के घुटने पर रखे उसके हाथ पर लटकती काली झालर को पीछे उलट दिया। उसकी सफेद कलाई पर पाँच नीले निशान पड़े हुए थे, जिनमें चार उँगलियों के और एक अँगूठे का निशान था।

होम्स ने कहा, ‘‘तुम्हारे साथ क्रूर व्यवहार होता है।’’

महिला के चेहरे का रंग गहरा हो गया और उसने अपनी कलाई ढक ली। वह बोली, ‘‘वह एक ताकतवर आदमी है और शायद उसे अपनी ताकत का अंदाज नहीं है।’’

वहाँ अब एक लंबी चुप्पी छाई हुई थी, होम्स अपनी ठुड्डी को अपने हाथों में टिकाए अँगीठी की आग को ध्यान से देख रहे थे।

‘‘यह बड़ा ही गंभीर मामला है।’’

‘‘इससे पहले कि मैं अपने काम की रूपरेखा तय करूँ, मुझे अभी हजारों बातें जाननी हैं। फिर भी हमारे पास गँवाने के लिए एक पल भी नहीं है। यदि हम आज ही स्टाक मोरान जाते हैं, तब क्या यह मुमकिन है कि बिना तुम्हारे सौतेले पिता की जानकारी के ही हम उन कमरों को देख सकें?’’

‘‘जी हाँ, ऐसा हो सकता है, क्योंकि उन्होंने आज किसी बहुत जरूरी काम से शहर आने के लिए कहा है। संभावना है कि वे आज सारा दिन बाहर रहेंगे और वहाँ रुकावट डालनेवाला कोई भी नहीं होगा। हमारे यहाँ एक घरेलू नौकरानी है, जो कि बूढ़ी और बेवकूफ है, मैं उसे आसानी से हटा सकती हूँ।’’

‘‘वाह वाटसन! हमारे साथ चलने में तुम्हें दिक्कत तो नहीं है?’’

‘‘बिलकुल नहीं।’’

‘‘तब हम साथ-साथ ही आएँगे। अब तुम कहाँ जा रही हो?’’

‘‘मैं एक-दो काम निपटा लेना चाहूँगी, चूँकि मैं शहर में ही हूँ, पर मैं 12 बजे वाली गाड़ी से वापस चली जाऊँगी, ताकि आपके आने के समय मैं वहाँ मौजूद रहूँ।’’

‘‘तुम वहाँ दोपहर तक हमारी प्रतीक्षा कर सकती हो। मुझे भी यहाँ कुछ छोटे-मोटे काम निपटाने हैं। क्या तुम रुकोगी और नाश्ता करोगी?’’

‘‘नहीं, मुझे अब चलना चाहिए। मेरा मन पहले से काफी हलका हो चुका है, क्योंकि मैंने अपनी समस्या आपको बता दी है। मैं आज दोपहर में आपका इंतजार करूँगी।’’

उस महिला ने अपने चेहरे पर मोटा सा नकाब डाल लिया और तेजी से कमरे से बाहर निकल गई।

शेरलॉक होम्स ने अपनी कुरसी की पुश्त पर अपनी पीठ टिकाते हुए पूछा, ‘‘वाटसन! तुम इस बारे में क्या सोचते हो?’’

‘‘यह मामला काफी गंभीर और खतरनाक लगता है।’’

‘‘अगर वह महिला सही कह रही थी कि उस कमरे की दीवारें और जमीन पक्की हैं और दरवाजे, खिड़कियों तथा चिमनी से कोई घुस नहीं सकता है, तो इसका मतलब है, उसकी बहन मौत के वक्त बिलकुल अकेली थी।’’

‘‘तब उस रातवाली सीटियों का क्या मतलब है और उस मरनेवाली महिला के उन खास शब्दों का क्या अर्थ है?’’

‘‘मैं नहीं सोच पा रहा हूँ।’’

‘‘उस रात को बजनेवाली सीटियों और बनजारों के समूह की मौजूदगी, जिनका कि उस बुजुर्ग डॉक्टर के साथ नजदीक का रिश्ता भी है। जब इन दोनों विचारों को साथ मिला दें तब इस तथ्य पर विश्वास होने लगता है कि डॉक्टर की रुचि उसकी सौतेली बेटी की शादी न होने देने में ही है। उस फीते की ओर मरनेवाले का इशारा और वह आवाज मेटल की उस झनझनाहट की हो सकती है, जो सुरक्षा के लिए लगी उन छड़ों के गिरने की वजह से हुई हो। मेरे मत से इस आधार पर इस दिशा में सोचने से यह रहस्य खुल सकता है।’’

‘‘तब उन बनजारों ने क्या किया होगा?’’

‘‘मुझे इसका अंदाजा नहीं है।’’

‘‘कई जगहों पर मैं इन विचारों से असहमत हूँ।’’

‘‘मैं भी, और इसीलिए हम आज खासतौर से स्टाक मोरान जा रहे हैं। मैं यह देखना चाहता हूँ कि क्या हमारे प्रतिद्वंद्वी अभी भी खतरनाक हैं या हम उनको जान-समझ चुके हैं। आगे देखें शैतान के नाम पर क्या होता है।’’

मेरे साथी के ये शब्द अभी मुँह से निकले ही थे कि एक धक्के के साथ अचानक हमारा दरवाजा खुला और सामने एक बड़े डील-डौलवाला आदमी दिखा। उसका पहनावा खेतों में काम करनेवालों और पेशेवरों के पहनावों का मिला-जुला रूप था। उसके सिर पर काली ऊँची सी हैट थी और उसका कोट लंबा था, उसने गेटर्स पहन रखे थे और हाथ में एक चाबुक लहरा रहा था। वह इतना लंबा था कि दरवाजे की ऊँची चौखट को उसका हैट छू रहा था और उसकी चौड़ाई ने दरवाजे की चौड़ाई को करीब-करीब ढक ही लिया था। उसका बड़ा सा चेहरा, जिस पर हजारों झुर्रियाँ पड़ी हुई थीं और जो सूरज के ताप से जलकर पीला हो चुका था। उस आदमी के चेहरे पर दुष्टता के चिह्न थे और वह बारी-बारी से हम दोनों की तरफ अपनी गहरी हरी-हरी आँखों से देख रहा था। उसकी ऊँची पतली और बिना मांसवाली नाक जंगली शिकारी चिडि़या की तरह थी।

उस आगंतुक ने पूछा, ‘‘तुममें से होम्स कौन है?’’

मेरे सहयोगी ने शांति से कहा, ‘‘मेरा नाम है, सर।’’

‘‘मैं स्टाक मोरान का ग्रिम्सबाई रायलाट हूँ।’’

होम्स ने सौम्यता से कहा, ‘‘डॉक्टर, प्लीज बैठिए।’’

‘‘मैं यहाँ बैठने नहीं आया हूँ। क्या मेरी सौतेली बेटी यहाँ आई थी? मैं उसका पता लगाने के लिए पीछा करता हुआ आया हूँ। वह तुमसे क्या कह रही थी?’’

होम्स ने कहा, ‘‘इस साल मौसम के लिहाज से थोड़ी ठंड ज्यादा है।’’

वह बुजुर्ग आदमी गुस्से के मारे जोर से चीखा, ‘‘वह तुमसे क्या कह रही थी?’’

मेरे साथी ने शांति से अपनी बात जारी रखी, ‘‘मैंने सुना है कि इस बार केसर काफी होगा।’’

हमारे नए आगंतुक ने कहा, ‘‘तुम मुझे बरगला रहे हो न?’’

इतना कहकर वह एक कदम आगे बढ़ा और अपने हाथ के उस चाबुक को लहराते हुए बोला, ‘‘बदमाश! मैं तुमको जानता हूँ, मैं पहले भी तुम्हारा नाम सुन चुका हूँ। तुम होम्स हो, जो हर काम में दखलंदाजी करता है।’’

मेरा सहयोगी मुसकराया।

‘‘होम्स, दूसरों के कामों में रुचि लेनेवाला।’’

उसके चेहरे पर मुसकराहट और फैल गई।

‘‘होम्स, स्कॉटलैंड यार्ड का भूतपूर्व अधिकारी।’’

होम्स ने अपना मुँह दबाकर हँसते हुए कहा, ‘‘तुम्हारी बातचीत बहुत मजेदार है, अब जब तुम बाहर जाना तो दरवाजा बंद कर देना। यह यहाँ का तयशुदा कायदा है।’’

‘‘जब मैं अपनी बात कह लूँगा तभी जाऊँगा। तुम मेरे मामले में दखलंदाजी करने की हिम्मत मत करो। मैं जानता हूँ कि मिस स्टोनर यहाँ क्यों आई थी। मैंने इसका पता लगा लिया है। मैं कुछ भी कर सकता हूँ, मैं बहुत ही खतरनाक आदमी हूँ, जिसके साथ दुश्मनी भारी पड़ेगी। यह देखो!’’ वह तेजी से आगे बढ़ा और अँगीठी कुरेदनेवाली लोहे की छड़ को लपककर उठा लिया, और फिर उसे अपने भूरे बड़े-बड़े हाथों से घुमाकर गोल-गोल मोड़ दिया।

‘‘देखो, अपने आपको दूर ही रखो।’’ गुर्राते हुए वह बोला और उस लोहे की छड़ को कमरे में अँगीठी की ओर फेंक दिया।

‘‘यह आदमी काफी मिलनसार मालूम पड़ता है।’’ होम्स ने हँसते हुए कहा।

‘‘मैं बहुत मोटा तो नहीं हूँ, पर यदि वह मुझसे कहता तो मैं उसे अपनी कलाई की पकड़ भी दिखा देता, जो कि उसकी कलाई की पकड़ से कमजोर नहीं है।’’

ऐसा कहकर होम्स ने लोहे की उस छड़ को थोड़े से ही प्रयास से फिर से सीधा कर दिया था।

‘‘मुझे लगता है, उसने मुझे चकरा देने के लिए मेरे साथ बदसलूकी की है। यह घटना हमारी छानबीन को बल दे रही है, हालाँकि मुझे विश्वास है कि हमारी दोस्त की उस थोड़ी सी लापरवाही से इस जंगली ने उसे ढूँढ़ निकाला, पर उससे उसे परेशानी नहीं होगी। और अब वाटसन! हमें नाश्ते का ऑर्डर कर देना चाहिए और फिर हमें डॉक्टर की ओर चलना चाहिए, ताकि हमें इस मामले में कुछ सहायता मिल सके।’’

शेरलॉक होम्स जब घूमकर लौटे तब तकरीबन एक बज रहा था। उनके हाथ में नीले रंग के कागज की एक शीट थी, जिस पर कुछ लिखा था और चित्र बनाए गए थे।

‘‘मैंने उस मृतक महिला की वसीयत देखी है। इसका ठीक-ठीक मतलब समझने के लिए मैं आज की मौजूदा कीमत के अनुसार इसका हिसाब लगाना चाहता हूँ। उसकी पत्नी की मौत के समय उसकी कुल आमदनी 1100 पाउंड से कुछ ही कम थी, खेती में कमी आने पर भी यह 750 पाउंड से कम नहीं होगी। अब अगर उनकी शादी हो जाती है, तब हर लड़की 250 पाउंड की आय का दावा कर सकती है। अब यह स्पष्ट है कि यदि दोनों लड़कियों की शादी हो जाती है तब यह पैसा बहुत ही कम रह जाता है, यहाँ तक कि उनमें से कोई एक भी इस आदमी को बहुत ही दयनीय स्थिति में पहुँचा देती। मेरा सुबह का काम बेकार नहीं गया, क्योंकि इससे यह पता चल जाता है कि ऐसे काम के बीच में रुकावट डालना उसका एक उद्देश्य हो सकता है। वाटसन! अब समय गँवाना खतरनाक हो सकता है, खासतौर से तब, जबकि वह बुजुर्ग यह जान चुका है कि हम उसके मामले में रुचि ले रहे हैं, इसलिए अगर तुम तैयार हो तो हमें एक गाड़ी बुला लेनी चाहिए और वाटर लू की ओर चलना चाहिए। आप अपनी रिवॉल्वर अपनी जेब में रख लेंगे तो मुझ पर बहुत एहसान होगा, क्योंकि जो आदमी छड़ को मोड़कर गाँठ लगा सकता है, उसके साथ बहस करने के लिए इसका इस्तेमाल एक कारगर तर्क साबित हो सकता है। हमें टूथब्रश भी रख लेना चाहिए।’’

वाटर लू से लेदरहेड के लिए ट्रेन पकड़ने में हम भाग्यशाली रहे और वहाँ पहुँचने पर स्टेशन से हमने भाड़े पर एक घोड़ागाड़ी ली तथा उन सँकरी गलियों से होकर हम चार या पाँच मील तक चले। दिन पूरी तरह साफ था और सूरज चमक रहा था, आकाश में बादल रुई के फाहों से उड़ रहे थे। सड़क किनारे के पेड़ और झाडि़यों में हरी-हरी कोपलें आ गई थीं और हवा में एक आनंददायक खुशबू तथा धरती की नमी मिली हुई थी। मेरे लिए बसंत के इस मधुर आगमन, और हम जिस भयानक काम की छानबीन के लिए नियुक्त किए गए थे, के बीच एक अजीब सी विषमता थी। मेरा सहयोगी उस घोड़ागाड़ी में सामने की तरफ बैठा हुआ था। उसने अपनी बाँहें मोड़ रखी थीं और उसका हैट उसकी आँखों पर झुका हुआ था। वह अपनी ठुड्डी को छाती पर झुकाए किसी गंभीर सोच में डूबा हुआ था। अचानक उन्होंने मेरे कंधे को थपथपाया और एक चरागाह की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘‘वहाँ देखो।’’

उस ढलान पर घने पेड़ोंवाला मैदान दूर-दूर तक फैला हुआ था, जिससे वह मैदान और भी घना मालूम पड़ता था। पेड़ों की शाखाओं के बीच से उस पुरानी इमारत की स्लेटी रंग की छत दिखाई पड़ रही थी।

होम्स ने कहा, ‘‘स्टाक मोरान।’’

कोचवान ने जवाब दिया, ‘‘जी हाँ सर, वह डॉ. ग्रिम्सबाय रायलाट का घर है।’’

होम्स ने पूछा, ‘‘वहाँ पास में और कोई इमारत है क्या? हमें वहीं जाना है।’’

कोचवान ने दूर बाईं तरफ कुछ मकानों की ओर इशारा किया, ‘‘वहाँ पर एक गाँव है, पर यदि आप उस मकान में जाना चाहते हैं तो इधर से उस छोटी सीढ़ी पर चढ़कर फुटपाथ से होकर जा सकते हैं। वहीं पर वह औरत टहल रही है।’’

होम्स ने पलकें झपकाते हुए कहा, ‘‘मेरे अनुमान से वह महिला मिस स्टोनर ही हैं और हाँ, तुमने जैसा बताया है, हम वैसा ही करेंगे।’’

हम घोड़ागाड़ी से उतर गए और उसे उसका भाड़ा दे दिया। भाड़ा लेकर वह वापस लेदरहेड की ओर चल दिया। जैसे ही हम उस छोटी सीढ़ी पर चढ़े, होम्स ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह आदमी सोचता होगा कि हम वास्तुशिल्पी हैं या यहाँ किसी और काम से ही आए हैं। तभी हमारी बातचीत बंद हो गई। गुड आफ्टरनून मिस स्टोनर, आप देख रही हैं कि हम अपनी जबान के पक्के हैं।’’

हमारा मुवक्किल सुबह से ही हमसे मिलने के लिए परेशान था, उसकी खुशी उसके चेहरे पर झलक रही थी। उसने गर्मजोशी से हमसे हाथ मिलाया और जोर से कहा, ‘‘मैं आपका बहुत ही उत्सुकता से इंतजार कर रही थी। सबकुछ बिलकुल ठीक है। डॉ. रायलाट शहर गए हैं और उनके शाम से पहले आने की उम्मीद भी कम ही है।’’

होम्स ने कहा, ‘‘हम डॉक्टर से मुलाकात का मजा ले चुके हैं।’’

और फिर उन्होंने कम-से-कम शब्दों में उसे वह सारा किस्सा सुना दिया। जैसे ही मिस स्टोनर ने यह सुना, उसका चेहरा सफेद पड़ गया।

‘‘हे भगवान्!’’ वह चीखी, ‘‘इसका मतलब, उसने मेरा पीछा किया था।’’

‘‘ऐसा ही लगता है।’’

‘‘मैं नहीं जानती थी कि वह इतना धूर्त है, जब वह वापस आएगा, तब क्या करेगा?’’

‘‘वह अपने आपको सुरक्षित करेगा, क्योंकि वह देखेगा कि इस मामले में कोई उससे भी अधिक चालाक है। तुम आज की रात अपने आपको उससे बचाकर कमरे में बंद रखना। अगर वह हिंसक हो जाएगा, तब हम तुम्हें तुम्हारी मौसी के पास हारो ले चलेंगे। अब हमें इस समय का सदुपयोग कर लेना चाहिए, इसीलिए हमें उन कमरों की तरफ ले चलो, जिनकी हमें छानबीन करनी है।’’

यह इमारत स्लेटी रंग की थी और इसके पत्थरों पर फूलों के उभार बने हुए थे। इसका बीचवाला भाग ऊपर की ओर उठा हुआ था और दोनों तरफ के हिस्से केकड़े के पंजों की तरह बाहर की ओर निकले हुए थे। इन हिस्सों में से एक हिस्से की खिड़कियाँ टूटी हुई थीं और उनमें लकड़ी के फट्टे जड़े हुए थे। उनकी छत बीच से थोड़ी गिर गई थी, जिससे यह एक खँडहर सा मालूम पड़ता था। इमारत के बीच वाले भाग की मरम्मत थोड़े बेहतर ढंग से हुई थी। लेकिन दाहिनी ओर वाला हिस्सा इसकी तुलना में काफी आधुनिक था और खिड़कियों के छाजन एवं चिमनियों के निकलते धुएँ से पता चलता था कि इमारत के इसी हिस्से में लोग रहते हैं। दीवाल के आखिर में कुछ पाईट खड़े किए गए थे और दीवाल पर पत्थरों में कुछ टूट-फूट का काम भी हुआ था। लेकिन हमारे पहुँचने के समय वहाँ पर कोई काम नहीं हो रहा था। होम्स ने उस बिना कटे, छँटे लॉन में ऊपर-नीचे होकर चलते हुए खिड़कियों के बाहर काफी ध्यान से देखा।

‘‘ऐसा लगता है कि यही वह कमरा है, जिसमें तुम सोती हो और बीचवाला कमरा तुम्हारी बहन का है। वह तीसरा कमरा डॉ. रायलाट का है?’’

‘‘आपने बिलकुल ठीक कहा, पर अब मैं बीचवाले कमरे में सोती हूँ।’’

‘‘मेरी समझ से कुछ रद्दोबदल का काम होने के कारण ही ऐसा है। हालाँकि दीवाल के आखिरी हिस्से में किसी मरम्मत की बहुत जरूरत नहीं है।’’

‘‘ऐसा लगता है कि मुझे मेरे कमरे से हटाने के लिए यह सब किया गया था।’’

‘‘हाँ, इस बात से एक राय जरूर बनती है। यहाँ सँकरे हिस्से के दूसरी तरफ एक गलियारा है, जिसमें तीनों कमरे के दरवाजे खुलते हैं और उनमें खिड़कियाँ भी हैं।’’

‘‘हाँ, पर वे बहुत ही छोटी हैं। किसी के घुसने के लिहाज से तो बहुत ही छोटी।’’

‘‘तुम दोनों बहनें जिस तरह से अपना कमरा रात को बंद कर लेती थीं, तब इनमें किसी का भी बाहर से घुस पाना नामुमकिन था। क्या तुम अपने कमरे में जाओगी और शटर को भीतर से बंद करके दिखाओगी?’’

मिस स्टोनर ने वैसा ही किया और होम्स ने ध्यानपूर्वक उन खिड़कियों की जाँच करने के बाद उनके शटर को खोलने की हरसंभव कोशिश की, पर उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। इनमें किसी भी प्रकार की झिर्री तक नहीं थी, जिसमें से चाकू डालकर बीचवाले डंडे को ऊपर उठाया जा सके। फिर होम्स ने अपने लेंस से उनके कब्जों को भी देखा, जो कि ठोस लोहे के बने थे। वे बिलकुल अच्छी कारीगरी के साथ बनाए गए थे। उसने कुछ परेशानी से अपनी ठुड्डी को खुजाया और कहा, ‘‘मेरे अनुसार, जब शटर बंद है, तब इसमें से कोई भी अंदर-बाहर नहीं आ सकता है। देखते हैं कि भीतर से इस मामले पर कोई रोशनी पड़ती है क्या?’’

कोने में बना हुआ एक छोटा सा दरवाजा सफेद पुते गलियारे की तरफ ले जाता था, जहाँ उन तीनों बेडरूम के दरवाजे खुलते थे। होम्स ने तीसरे कमरे को देखने से मना कर दिया और तुरंत उस दूसरेवाले कमरे में घुसा, जिसमें मिस स्टोनर अब सोती हैं और इसी कमरे में ही उनकी बहन अपने दुर्भाग्य को प्राप्त हो चुकी थी। पुराने ग्रामीण घरों की तरह यह एक छोटा सा घरेलू कमरा था, जिसकी छत नीची थी और दीवाल में आतिशदान की जगह बनी हुई थी। कमरे के कोने में दराजोंवाली एक भूरे रंग की अलमारी और एक सफेद पतला बेड था। खिड़की के बाईं तरफ एक ड्रेसिंग टेबल थी। इस सामान के साथ-साथ इसमें लकड़ी के कामवाली दो छोटी कुरसियाँ और बीच में एक चौकोर कालीन भी बिछा हुआ था। कमरे की दीवारों पर चारों तरफ भूरे रंग के लकड़ी के फट्टे लगे थे, उनकी बलूत की लकड़ी को कीड़े खा चुके थे, वे इतने पुराने और बदरंग थे कि इनसे पता लग रहा था कि वे वहाँ उस पुरानी इमारत की शुरुआत से ही थे। होम्स ने कोने से एक कुरसी खींची और उस पर आराम से बैठ गया। उसकी आँखें उस कमरे के चारों तरफ बार-बार घूम रही थीं और वह हर चीज को बहुत ही ध्यान से देख रहा था।

उसने उस घंटी की लटकती हुई रस्सी, जिसका फुँदना तकिए के पास था, देखकर पूछा, ‘‘इस घंटी से किसे पुकारा जाता है?’’

‘‘यह हाउसकीपर के कमरे तक जाती है।’’

‘‘कमरे की और चीजों के मुकाबले यह नई मालूम पड़ती है।’’

‘‘हाँ, यह सिर्फ दो साल पहले ही लगाई गई थी।’’

‘‘मेरे अनुमान से तुम्हारी बहन ने ही इसके लिए कहा होगा।’’

‘‘नहीं, मैंने उसे इसका इस्तेमाल करते हुए कभी नहीं सुना। हमें जो चाहिए होता था, उसे हम खुद ही ले लिया करती थीं।’’

‘‘इसका मतलब, इतनी सुंदर घंटी का यहाँ लटकना बेकार ही था। मुझे माफ करना, पर मैं इस कमरे की जमीन भी देखना चाहूँगा।’’ उसने अपना लेंस निकाला और इसे हाथ में पकड़कर अपने चेहरे के पास ले गया और फिर तेजी से आगे-पीछे करते हुए फट्टों में पड़ी दरार को ध्यान से देखा। यही काम उसने कमरे के चारों तरफ लगे लकड़ी के पैनलों पर भी किया। अंत में वह बिस्तर के पास आया और कुछ देर तक इसे घूरता रहा, फिर दीवाल पर ऊपर-नीचे अपनी नजरें दौड़ाईं। उसने घंटी की रस्सी को अपने हाथों में पकड़ा और फिर इसे एक झटके के साथ खींचा।

वह बोला, ‘‘अरे, यह तो दिखावटी है।’’

‘‘क्या यह बजेगी नहीं?’’

‘‘नहीं, यह तो तार से भी नहीं बँधी है। बड़ी मजेदार बात है। तुम देख सकती हो कि यह वहाँ उस थोड़े से खुलनेवाले रोशनदान के छोटे से हुक से बाँधी गई है।’’

‘‘बहुत अजीब सी बात है! मैंने इस पर पहले कभी ध्यान ही नहीं दिया।’’

होम्स बुदबुदाते हुए बोला, ‘‘अजीब बात है! इस कमरे में एक-दो चीजें अजीब सी हैं, जैसे—वह बिल्डर कितना बेवकूफ है कि उसने कमरे का रोशनदान दूसरे कमरे में खोल दिया है, इस समस्या के लिए वह बाहर की हवा ले सकता था।’’

महिला ने कहा, ‘‘यह काफी नया बना हुआ है।’’

होम्स ने जवाब दिया, ‘‘ठीक यही काम घंटी की रस्सी के साथ किया गया है।’’

‘‘हाँ, काफी छोटे-छोटे बदलाव हो चुके हैं।’’

‘‘ये लोग काफी अजीब मालूम पड़ते हैं, दिखावटी रस्सी, रोशनदान, जिसमें से हवा नहीं आती है। मिस स्टोनर आपकी अनुमति हो तो हम उस कमरे को भी अंदर से देख लें।’’

डॉ. ग्रिम्सबाय रायलाट का कमरा उसकी सौतेली बेटियों के कमरों की तुलना में बड़ा था, पर उसकी सजावट साधारण ही थी। कमरे में एक बेड और लकड़ी की किताबों की एक अलमारी थी, जिसमें किताबें भरी हुई थीं। ज्यादातर वे किताबें तकनीकी विषयों पर ही थीं। बिस्तर के बगल में बाँहोंवाली एक कुरसी, एक गोल टेबल और कोने में एक बड़ी सी लोहे की तिजोरी रखी थी। होम्स उन सारे सामानों के पास गया और उनको बड़े ही ध्यान से देखा।

होम्स ने तिजोरी को थपथपाते हुए पूछा, ‘‘यह क्या है?’’

‘‘मेरे सौतेले पिता के काम के कागज हैं।’’

‘‘इसका मतलब है, तुम इसके अंदर देख चुकी हो।’’

‘‘सिर्फ एक बार, कई साल पहले, मुझे याद है कि यह कागजों से भरी हुई थी।’’

‘‘यहाँ कोई बिल्ली तो नहीं है?’’

‘‘नहीं, बड़ी अजीब सी बात है।’’

‘‘यहाँ, देखो। उन्होंने दूध की एक छोटी सी प्लेट उठाई, जो कि उसके ऊपर ही रखी हुई थी।’’

‘‘नहीं, हमारे पास बिल्ली नहीं है, पर यहाँ एक चीता और एक लंगूर जरूर है।’’

‘‘ओह, हाँ! चीता भी एक बड़ी बिल्ली ही है। फिर भी एक प्लेट दूध उसको संतुष्ट नहीं कर पाएगा। यही एक बात है, जिसके लिए मैं निश्चित होना चाहता हूँ।’’

होम्स उस लकड़ी की कुरसी के सामने पालथी मारकर बैठ गया और बड़े ही ध्यान से उसे देखने लगा। अपने लेंस को जेब में रखकर उठते हुए बोला, ‘‘धन्यवाद! यहाँ कुछ चीजें बहुत ही रोचक हैं।’’

उसकी निगाह बिस्तर के कोने पर लटके हुए कुत्ते के पट्टे पर पड़ी। पट्टा इस ढंग से लिपटा हुआ था, जैसे इसका चाबुक से फंदा बनाया गया हो।

‘‘वाटसन! तुम्हें क्या लगता है?’’

‘‘यह एक साधारण सा पट्टा है, पर मैं यह नहीं समझ पा रहा हूँ कि यह इस तरह से क्यों बँधा है?’’

‘‘यह बहुत सामान्य सा नहीं है। यह दुनिया बहुत बुरी है और जब एक चालाक आदमी अपना दिमाग अपराध में लगा देता है, तब यह और भी बुरी हो जाती है। मिस स्टोनर, मेरे खयाल से मैंने अब काफी कुछ देख लिया है। आइए, अब बाहर लॉन में चलें।’’

मैंने अपने साथी का चेहरा इतना गंभीर पहले कभी नहीं देखा था और जब हम उस छानबीन से वापस लौटे तब उसकी भौंहों पर भी एक तनाव था। हमने उस लॉन में कई बार चहलकदमी की, पर जब तक वह स्वयं ही अपने विचारों से बाहर नहीं निकला, मैंने और मिस स्टोनर ने उसे छेड़ना उचित नहीं समझा।

उसने कहा, ‘‘मिस स्टोनर, यह बहुत ही जरूरी है कि आप हर हालत में मेरी राय के अनुसार ही काम करें।’’

‘‘मैं ऐसा ही करूँगी।’’

‘‘यह मामला काफी गंभीर है और आपकी जिंदगी आपके काम करने के ढंग पर ही निर्भर करेगी।’’

‘‘मैं आपको बता चुकी हूँ कि अब मेरी जान आपके हाथों में ही है।’’

‘‘सबसे पहली बात यह है कि मैं और मेरा साथी रात को आपके कमरे में ही रहेंगे।’’

मैंने और मिस स्टोनर ने उसकी तरफ अचंभे से देखा।

‘‘हाँ, ऐसा ही है। आइए, मैं आपको बताता हूँ। मेरे खयाल से गाँव में ठहरने के लिए कोई जगह तो होगी ही?’’

‘‘हाँ, वहाँ क्राउन में है।’’

‘‘बहुत अच्छी बात है, वहाँ से तुम्हारी खिड़कियाँ तो दिखाई पड़ती ही होंगी?’’

‘‘बिलकुल।’’

‘‘जब तुम्हारा सौतेला पिता वापस लौटे, तब तुम अपने सिर में दर्द का बहाना करके अपने कमरे में ही रहना। जब वह सोने चला जाए तब तुम अपनी खिड़की के पल्ले खोल देना और उसकी कुंडी हटा देना, हमारे इशारे के लिए तुम वहीं पर एक लैंप जलाकर रख देना, साथ ही तुम कमरे से अपने काम की वे चीजें भी निकाल लेना, जिनके साथ तुम्हें दूसरे कमरे में रहना है। मेरा विश्वास है कि मरम्मत का काम चलने के बावजूद तुम उस कमरे में एक रात आराम से रह लोगी।’’

‘‘हाँ, बहुत ही आसानी से।’’

‘‘बाकी तुम हमारे ऊपर छोड़ दो।’’

‘‘हम तुम्हारे कमरे में ही रात गुजारेंगे और उस शोर की वजह भी जानेंगे, जिसने तुमको परेशान कर रखा था।’’

मेरे साथी की बाँहों पर अपना हाथ रखते हुए मिस स्टोनर ने कहा, ‘‘मि. होम्स, ऐसा लगता है कि आपने अपना मन पक्का कर लिया है।’’

‘‘शायद, ऐसा ही है।’’

‘‘तब कृपा करके मुझे मेरी बहन की मौत का कारण भी बता दीजिए।’’

‘‘यह सब बताने से पहले मैं इसका स्पष्ट सबूत भी आपके सामने रखना चाहूँगा।’’

‘‘आप कम-से-कम इतना तो मुझे बता ही सकते हैं कि क्या मेरा सोचना सही है कि उसकी मौत अचानक डर जाने की वजह से ही हुई थी?’’

‘‘नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता है। मेरे खयाल से इसकी कोई और वजह है। और मिस स्टोनर, अब हमें चलना चाहिए, क्योंकि यदि डॉ. रायलाट वापस आ गए और उन्होंने हमें देख लिया, तब हमारी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। तुम बहादुरी से रहना, अगर तुम मेरे बताए रास्ते पर चलोगी तो निश्चिंत रहो कि हम तुम्हें डरानेवाले खतरे को तुमसे दूर भगा देंगे।’’

क्राउन के उस छोटे से होटल में होम्स और मेरे लिए एक बेडरूम तथा बैठनेवाले कमरे का इंतजाम करना कोई मुश्किल काम नहीं था। हमारा कमरा पहली मंजिल पर था, इसकी खिड़की से हम आने-जानेवाले फाटक और स्टाक मोरान के रिहायशी हिस्से को भी देख सकते थे। शाम के धुँधलके में हमने देखा कि डॉ. ग्रिम्सबाय रायलाट एक घोड़ागाड़ी से लौटे, जिसे एक लड़का चला रहा था और उनकी विशाल काया उसके पीछे बैठी है। उस लड़के को बड़े से लोहे के फाटक को खोलने में थोड़ी परेशानी हो रही थी। तभी हमने डॉक्टर की गरजती आवाज सुनी और देखा कि वह उस लड़के को गुस्से से मुक्का दिखा रहे थे। घोड़ागाड़ी अंदर चली गई और कुछ ही पलों के बाद हमने देखा कि पेड़ों के झुरमुटों से छनकर किसी एक बैठक-कक्ष से लैंप की रोशनी बाहर आ रही है।

जब हम उस गहराते अँधेरे में साथ-साथ बैठे थे, तब होम्स ने कहा, ‘‘वाटसन! क्या तुम्हें पता है कि आज की रात तुम्हें अपने साथ लेकर चलने में मुझे थोड़ी हिचक हो रही है, वहाँ किसी खतरे की संभावना है?’’

‘‘क्या मैं वहाँ तुम्हारी कोई सहायता कर सकूँगा?’’

‘‘तुम्हारी मौजूदगी ही बहुत कारगर हो सकती है।’’

‘‘तब मैं जरूर चलूँगा।’’

‘‘मैं तुम्हारा एहसानमंद हूँ।’’

‘‘तुमने खतरे की बात कही है। तुमने उस कमरे में जरूर कुछ देखा है, जो कि मुझे नहीं दिखाई पड़ा।’’

‘‘नहीं, पर मुझे लगता है कि मैंने थोड़ा अधिक निष्कर्ष निकाल लिया है। मेरे अनुमान से तुमने भी वह सब देखा है, जो मैंने देखा है।’’

‘‘मैंने उस घंटी और रस्सी से अधिक अजीब वहाँ कुछ भी नहीं देखा और इसका इस्तेमाल क्या है, मैं इसकी सिर्फ कल्पना ही कर सकता हूँ।’’

‘‘तुमने उस रोशनदान को भी देखा होगा?’’

‘‘हाँ, पर मुझे ऐसा नहीं लगता है कि दो कमरों के बीच एक छोटा रोशनदान कुछ अजीब सा है। यह इतना छोटा है कि एक चूहा भी मुश्किल से इसमें से निकल सकेगा।’’

‘‘मैं जानता था कि हमारे स्टाक मोरान आने के पहले से ही हमें वहाँ एक रोशनदान मिलेगा।’’

‘‘होम्स!’’

‘‘हाँ, मुझे पता था। तुम्हें उस महिला की बात याद होगी, जिसमें उसने कहा था कि उसकी बहन को डॉ. रायलाट के सिगार की महक आती थी। इससे पता चलता है कि दोनों कमरों के बीच कोई संबंध है। यह छोटा भी हो सकता है और यदि बड़ा होता तो मौत के बाद भी कोरोनर की टिप्पणी में उसका उल्लेख अवश्य होता।’’

‘‘इसके होने में नुकसान क्या है?’’

‘‘हाँ, पर इनमें एक ही समय पर होने का एक विचित्र सा संबंध है, जैसे रोशनदान का बनाया जाना, रस्सी का लटकाना और एक महिला, जो कि बिस्तर पर सोई, उसका मरना। क्या यह तुम्हें कुछ सोचने पर मजबूर नहीं करता है?’’

‘‘मैं अभी भी इनमें कोई संबंध नहीं देख पा रहा हूँ।’’

‘‘क्या तुमको उस बिस्तर में कुछ खास नजर आया था?’’

‘‘नहीं।’’

‘‘यह जमीन से जड़ा हुआ था। क्या तुमने पहले भी कभी इस तरह का जमीन से जड़ा हुआ बेड देखा है?’’

‘‘मैं कह नहीं सकता हूँ।’’

‘‘वह औरत अपना बेड सरका नहीं सकती थी। इसे उस रोशनदान और रस्सी के ठीक सामने की जगह पर ही रहना होगा और हम यह भी कह सकते हैं कि यह रस्सी घंटी बजाने के लिए नहीं थी।’’

मैंने जोर से कहा, ‘‘होम्स! ऐसा लग रहा है कि तुम जो कह रहे हो, मैं उसे वाकई कुछ-कुछ समझ रहा हूँ। हम सचमुच किसी भयानक अपराध को रोकने के लिए ठीक समय पर यहाँ पहुँच गए हैं।’’

‘‘अत्यंत भयानक, जब एक डॉक्टर ऐसा गलत काम करता है, तब वह पहला अपराधी होता है। उसके पास ताकत भी है और जानकारी भी। यह आदमी गहराई से चोट करता है, पर वाटसन! हमें भी गहराई से ही चोट करनी होगी। रात खत्म होने से पहले हमारे पास बहुत सी भयानक बातें होंगी। चलो, कुछ घंटों तक खुश रहने के लिए और मन बहलाव के लिए पाईप पीते हैं।’’

तकरीबन नौ बजे पेड़ों के बीच से दिखनेवाली रोशनी बुझ गई और उस इमारत की तरफ पूरी तरह अँधेरा छा गया था। धीमे-धीमे दो घंटे बीत गए और तभी अचानक ग्यारह बजने के साथ ही हमारे ठीक सामने एक तेज रोशनी दिखाई पड़ी।

अपने पैरों पर उछलते हुए होम्स ने कहा, ‘‘वह इशारा हमारे लिए है और यह बीचवाली खिड़की से आ रहा है।’’

जब हम वहाँ से निकल रहे थे, तभी होम्स ने होटल के मालिक से कहा, ‘‘हम किसी परिचित से मिलने जा रहे हैं और रात में हम वहीं रुक भी सकते हैं।’’ अगले ही पल हम बाहर अँधेरी सड़क पर आ गए थे, हमारे चेहरे पर तीखी ठंडी हवा लग रही थी। सामने एक पीली रोशनी धुँधली मंजिल की तरफ ले जाने के लिए हमें रास्ता दिखा रही थी।

हमें उस मैदान में घुसने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि उस पुरानी चहारदीवारी में जगह-जगह बिना मरम्मतवाली दरारें पड़ी हुई थीं। पेड़ों के बीच से अपनी जगह बनाते हुए हम लॉन तक पहुँच गए और इसे पार भी कर लिया। जैसे ही हम खिड़की से होकर भीतर घुसने ही वाले थे कि चंपा की झाडि़यों में से एक बच्चे की तरह कूदकर कोई निकला और घास में लड़खड़ाता हुआ सा अँधेरे मैदान में भाग गया।

मैं फुसफुसाया, ‘‘हे भगवान्! क्या आपने उसे देखा?’’

होम्स भी मेरी ही तरह एक पल के लिए चौंक पड़ा था। उसने अपने हाथों से मेरी कलाई को जकड़ रखा था, फिर उसकी धीमी सी हँसी मेरे कानों में पड़ी।

वह फुसफुसाकर बोला, ‘‘यह भी इसी परिवार का सदस्य है, यह वही लंगूर है।’’

मैं डॉक्टर के उन अजीब से पालतू जानवरों के बारे में भूल ही गया था। इनमें एक चीता भी शामिल था, जो कि शायद किसी भी पल हमारे कंधों पर चढ़ सकता था। होम्स की बातों को मानते हुए मैंने अपने जूते उतारे और कमरे के भीतर पहुँचकर काफी हलका महसूस किया। मेरे साथी ने बिना आवाज किए ही खिड़कियों के दरवाजे बंद कर दिए और लैंप उठाकर मेज पर रख दिया। उसने कमरे में चारों तरफ एक नजर दौड़ाई। वहाँ सबकुछ वैसा ही था जैसा कि हमने दिन के समय देखा था। फिर वह मेरी तरफ खिसका और अपने हाथों को अपने मुँह के चारों तरफ पाइप की तरह गोल बनाकर मेरे कानों में फुसफुसाकर बोला, ‘‘थोड़ी सी भी आवाज हमारी सारी योजना पर पानी फेर देगी।’’

मैंने सहमति में सिर हिलाया, ताकि वह समझ जाए कि मैंने सुन लिया है।

‘‘वह हमें रोशनदान से देख सकता है। इसलिए हमें बिना रोशनी के ही बैठना होगा।’’

मैंने फिर सिर हिला दिया।

‘‘देखो, सो मत जाना, तुम्हारी जिंदगी इसी पर निर्भर है। अपनी पिस्तौल तैयार रखना, हमें इसकी जरूरत पड़ सकती है। मैं बिस्तर के किनारे बैठा हूँ और तुम कुरसी पर बैठो।’’

मैंने अपना रिवॉल्वर बाहर निकाल लिया और इसे मेज के ऊपर एक किनारे रख दिया। होम्स अपने साथ एक लंबी छड़ी लेकर आया था। इसे उसने बिस्तर पर अपनी बगल में ही रख दिया था। इसी से सटाकर उसने माचिस की डिबिया रख दी और अधजली मोमबत्ती को भी रख लिया, और फिर लैंप भी बुझा दिया। अब हम बिलकुल ही अँधेरे में बैठे थे।

‘‘मैं उस भयानक रतजगे को क्या कभी भूल पाऊँगा? मुझे कुछ भी सुनाई नहीं पड़ रहा था। यहाँ तक कि साँसों की आवाजें भी नहीं और मैं यह भी जानता था कि मुझसे कुछ ही फीट की दूरी पर आँखें खोले हुए मेरा साथी भी मेरी ही हालत में बैठा हुआ है। दरवाजे की झिर्रियों से बहुत ही कम रोशनी दिख रही थी और हम चुपचाप अँधेरे में बैठे इंतजार कर रहे थे। बाहर किसी जंगली चिडि़या की कभी-कभी तेज आवाज आती थी और एक बार तो हमारी खिड़की के पास एक बड़ी बिल्ली की तरह किसी के गुर्राने की आवाज भी आई, जिससे हमें पता लगता था कि वह चीता वहाँ आजादी से घूम रहा है। बहुत दूर से आती उस चर्च की घड़ी के घंटों की आवाजें हमें हर चौथाई घंटे पर सुनाई देती थीं। वे चौथाई घंटे कितने लंबे मालूम पड़ते थे। बारह, एक, दो और तीन बज गए, पर अभी भी हम शांत बैठे हुए इंतजार कर रहे थे कि कुछ भी हो सकता है।

अचानक रोशनदान की तरफ पल भर के लिए रोशनी की चमक दिखाई पड़ी, जो कि तुरंत ही गायब भी हो गई, पर अब तेल जलने और धातु गरम होने की महक आ रही थी। बगलवाले कमरे में किसी ने लालटेन जलाई थी। मैंने भी कुछ चलने की आवाज सुनी थी, पर फिर सब शांत हो गया, हालाँकि वह महक अब तेज हो गई थी। आधे घंटे तक मैं कान लगाए तनाव में बैठा रहा, तभी अचानक एक दूसरी तरह की आवाज सुनाई पड़ी—यह एक बहुत ही शांत और केतली से निकलनेवाली भाप की धीमी लगातार आती आवाज की तरह थी। अचानक ही मैंने सुना कि होम्स बिस्तर से उछल पड़े और माचिस जलाकर उस घंटीवाली रस्सी पर तेजी से अपनी छड़ी मारने लगे।

वे जोर से बोले, ‘‘वाटसन! तुमने देखा? अब तुम इधर देखो।’’

परंतु मुझे कुछ भी नहीं दिखाई दिया। अगले ही पल जब होम्स ने रोशनी जलाई, तब मैंने एक धीमी और साफ सीटी की आवाज सुनी, पर अचानक मेरी थकी हुई आँखों में आई चमक यह नहीं समझ पा रही थी कि वह क्या था, जिस पर मेरे साथी ने इतने वहशी ढंग से प्रहार किया। मैंने देखा कि उसका चेहरा डर से पीला पड़ गया था और घृणा से भर गया था।

उसने अब चोट करना बंद कर दिया और वह रोशनदान की तरफ घूर रहा था, तभी मैंने उस सन्नाटे को चीरती हुई भयानक चीख सुनी। यह आवाज तेज और बहुत तेज होती चली गई, इस भयानक चीख में पीड़ा, भय और क्रोध सभी कुछ शामिल था। लोग कहते हैं कि दूर गाँव में, यहाँ तक कि चर्च के पास भी उस चीख ने अपने बिस्तरों में दुबके लोगों को जगा दिया था। इससे मेरा दिल भी थोड़ा घबरा गया, मैं चुपचाप खड़ा होम्स की ओर देख रहा था और वह मुझे, यह तब तक जारी रहा, जब तक कि वह आती हुई आवाज बिलकुल बंद नहीं हो गई।

मैंने कहा, ‘‘इसका क्या मतलब है?’’

होम्स ने जवाब दिया, ‘‘इसका मतलब है, सबकुछ खत्म हो गया। और शायद अच्छा ही हुआ। अपनी पिस्तौल ले लो, अब हम डॉ. रायलाट के कमरे में चलेंगे।’’

अपने चेहरे पर गंभीरता लिए हुए उसने लैंप जलाया और गलियारे की तरफ चल पड़ा। उसने कमरे का दरवाजा दो बार थपथपाया, परंतु भीतर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद होम्स ने दरवाजे का हैंडल घुमाया और कमरे के भीतर घुसे, मेरे हाथ में पिस्तौल थी।

कमरे के अंदर का दृश्य अजीब सा था। मेज पर काले रंग की लालटेन रखी थी और उसका ढक्कन आधा खुला हुआ था। इसकी तेज रोशनी सामने रखी लोहे की तिजोरी पर पड़ रही थी, जिसका दरवाजा भी अधखुला था। इस मेज के बगल में लकड़ी की कुरसी पर डॉ. ग्रिम्सबाय सलेटी रंग का गाउन पहनकर बैठे थे। उनके नंगे घुटने आगे की ओर निकले हुए थे, उनके पैरों में तुर्कीवाली लाल चप्पलें थीं और गोद में एक लंबा सा पट्टा था, जिसे हम दिन में देख चुके थे। उनकी ठुड्डी ऊपर की ओर उठी हुई थी और आँखें छत के कोने को भयानक ढंग से घूर रही थीं। इनकी भौंहों के किनारे एक खास तरह का पीले रंग का फीता बँधा था, जिस पर भूरे रंग की चित्तियाँ थीं, जो कि लगता था उनके माथे पर कसकर बँधा था। जब हम कमरे में घुसे, तब उन्होंने न तो आवाज की और न ही हिले।

होम्स ने फुसफुसाते हुए कहा, ‘‘फीता! वही छींटदार फीता!’’

मैं एक कदम आगे बढ़ा ही था कि अचानक डॉक्टर के सिर पर पड़ी पगड़ी जैसी चीज हिली और फिर उसके बालों के पीछे एक साँप की भयानक गरदन और हीरे के आकार जैसा उसका सिर दिखा।

होम्स चीखे, ‘‘यह एक जहरीला साँप है।’’

‘‘भारत में पाया जानेवाला सबसे जहरीला साँप, इसके काटने पर वह दस सेकेंड में ही मर गया होगा। हिंसा वास्तव में हिंसा करनेवाले पर ही वापस आती है, षड्यंत्र करनेवाला उसी गड्ढे में गिरता है, जिसे वह दूसरों के लिए खोदता है। आओ इस प्राणी को वापस उसकी माँद में ही पहुँचा देते हैं और फिर हम मिस स्टोनर को किसी ठीक-ठाक जगह ले जाएँगे। अब यहाँ की पुलिस को यह पता लगाने दो कि यहाँ क्या हुआ था।’’

इतना कहने के साथ ही उन्होंने उस कुत्ते के पट्टे को झटके से मृतक की गोद से उठा लिया और उसके फंदे को साँप के गले की तरफ फेंका, फिर उसी के सहारे साँप को फँसाकर साँप के बैठने की भयानक जगह से उसे उठा लिया और लगभग एक हाथ की दूरी बनाकर रखते हुए वापस उसी तिजोरी में फेंक दिया और फिर तिजोरी को बंद कर दिया।

स्टाक मोरान के डॉ. ग्रिम्सबाय रायलाट की मौत की यह वास्तविक सच्चाई थी। यह जरूरी नहीं है कि मैं इस कहानी को यह कहकर विस्तार से बताऊँ कि कैसे हमने उस डरी हुई लड़की को उसकी बुरी स्थिति से बचाया, कैसे हम उस लड़की को सुबह की ट्रेन से उसकी मौसी के घर ले गए, कैसे जाँच की वह धीमी प्रक्रिया चली और डॉक्टर की दुर्गति उसके खतरनाक जीवों के साथ खेलने की वजह से हुई। इस केस के बारे में जो भी कुछ थोड़ा मुझे अभी जानना बाकी था, उसे शेरलॉक होम्स ने अगले दिन वापस चलते समय मुझे बताया।

वह बोला, ‘‘वाटसन! मैं पूरी तरह से गलत नतीजे पर पहुँच गया था, क्योंकि आधी-अधूरी जानकारी से किसी भी तर्क तक पहुँचना कितना खतरनाक हो सकता है। उन बनजारों की वहाँ मौजूदगी और उस बेचारी लड़की का ‘फीता’ शब्द का इस्तेमाल, जिसे उसने माचिस की रोशनी की झलक में ही देखा था, यह सब मुझे भटकाने के लिए काफी था। मैं यह दावे के साथ कह सकता हूँ कि यही एक चीज थी, जिसने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया था कि कमरे में रहनेवाला जिससे भी डरा, वह चीज बाहर खिड़की या दरवाजे से अंदर नहीं आई थी। जैसे ही मैंने तुम्हें वह रोशनदान और बिस्तर पर लटकती रस्सी दिखाई थी, तभी मुझे इस बात का खयाल आया था। जमीन से बँधे बिस्तर को देखकर मुझे लगा कि यह रस्सी रोशनदान और बिस्तर तक किसी पुल का काम करने के लिए बँधी थी। साँप का विचार अचानक ही मुझे कौंधा, क्योंकि डॉक्टर को भारत से ऐसे ही जीव भेजे जाते थे। अब मैं बिलकुल ही सही रास्ते पर था, क्योंकि जहर का पता लगाना आसान नहीं था, वह भी तब, जबकि एक चालाक और निर्दयी आदमी इसमें शामिल हो, साथ ही वह पूरब से प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुका हो। जहर की तेजी भी यही साबित करती थी, मृतक के शरीर पर उन दो छेदों को देखने के लिए भी एक तेज नजर की जरूरत होती है, जहाँ से वह जहर शरीर में घुसा होगा। फिर मैंने उस सीटी के बारे में सोचा। सुबह की रोशनी उसके शिकार को जगा दे, इससे पहले ही उस साँप को वापस बुलाना होगा, इसीलिए उसने साँप को प्रशिक्षित भी किया था और शायद उसे वापस बुलाने के लिए ही वहाँ पर दूध भी रखा गया था। वह इसे उसी समय रोशनदान से होकर बिस्तर तक जाने के लिए रख देता था। साँप कमरे में रहनेवाले को काट भी सकता था और नहीं भी काट सकता था। शायद वह एक हफ्ते तक हर रात बच जाती थी, परंतु एक दिन वह उस साँप का शिकार बन ही गई।

‘‘डॉक्टर के कमरे में घुसने से पहले ही मैं इन नतीजों पर पहुँच चुका था। उसकी कुरसी को देखकर मुझे पता चल गया था कि वह इसका इस्तेमाल साँप को रोशनदान से भेजने के लिए करता था। तिजोरी, दूध की प्लेट और चाबुक का फंदा देखकर मेरा रहा-सहा शक भी जाता रहा। धातु की आवाज, जो कि कमरे में रहनेवाले को सुनाई पड़ती थी, वह मुमकिन है डॉक्टर द्वारा तिजोरी के जल्दी से खोले जाने की वजह से होती थी, क्योंकि साँप उसी तिजोरी में रखा गया था। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए तुम जानते ही हो कि मैंने सबूत के लिए वे कदम उठाए थे। मैंने उस साँप की फुफकारने की आवाज सुनी थी और मुझे उम्मीद है, तुमने भी सुनी होगी, फिर मैंने जल्दी से रोशनी जलाई और उस पर आक्रमण कर दिया था।

‘‘साँप को रोशनदान की तरफ से वापस भेजे जाने की वजह से दूसरी तरफ वह अपने मालिक पर ही चोट कर बैठा। साथ-ही-साथ उस पर मेरी छड़ी की चोट ने उसकी साँपवाली प्रवृत्ति को जगा दिया, परिणामस्वरूप उसके सामने जो भी पहला व्यक्ति दिखा, उसे ही उसने डस लिया। इस प्रकार मैं किसी-न-किसी रूप में डॉ. रायलाट की मौत का जिम्मेदार हूँ, परंतु इसका मेरी आत्मा पर कोई बोझ नहीं है।’’